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06 Nov 2026•
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दीपावली पर कुम्हारों को बड़ी राहत, मिट्टी के दीये बेचने पर नहीं लगेगा कोई कर कलेक्टर आशीष तिवारी के सख्त निर्देश, स्थानीय निकायों को वसूली नहीं करने के आदेश

✍️ Reporter: Manmohan 🗓 06 Nov 2026, 02:19 PM 👁 7
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कटनी। दीपावली के पावन पर्व पर मिट्टी के दीये बनाकर अपनी आजीविका चलाने वाले कुम्हारों और ग्रामीण कारीगरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने पारंपरिक कारीगरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए मिट्टी के दीये बेचने वालों से किसी भी प्रकार का कर नहीं वसूलने के निर्देश जारी किए हैं।

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मिट्टी के दीये बेचने वाले ग्रामीण कारीगरों को कर वसूली से राहत देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि बाजारों में दीये बेचने आने वाले कारीगरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे बिना किसी बाधा के अपने उत्पाद बेच सकें।

कलेक्टर ने आम नागरिकों से भी पारंपरिक मिट्टी के दीयों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदना और उन्हें प्रोत्साहित करना ही वास्तविक रूप से वोकल फॉर लोकल की भावना को आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीये केवल रोशनी का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और लोककला की पहचान हैं। इनके निर्माण और बिक्री से हजारों ग्रामीण परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से पारंपरिक कला का संरक्षण होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त, सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा बरही, विजयराघवगढ़ और कैमोर के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की इस पहल से दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दीये बेचने वाले छोटे कारीगरों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही स्वदेशी और पारंपरिक उत्पादों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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