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दुल्हिन बाजार नगर पंचायत सीमांकन पर उठे सवाल
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दुल्हिन बाजार नगर पंचायत सीमांकन पर उठे सवाल

✍️ रिपोर्टर: Ankit Raj 🗓 24 अग. 2026, 07:56 PM 👁 46
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ग्रामीणों और नेताओं ने लगाया भेदभाव का आरोप, सीओ ने किया खंड़न

पालीगंज अनुमंडल के दुल्हिन बाजार को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गर्ई है। प्रस्तावित नगर पंचायत में शामिल किए जाने वाले गांवों और मौजों के चयन को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। सोमवार को स्थानीय लोगों ने सीमांकन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रशासन से चयन प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की।
नगर पंचायत गठन के इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष से जुड़े स्थानीय नेता भी एक मंच पर आ गए हैं। नेताओं का कहना है कि यदि सीमांकन में क्षेत्र की वास्तविक ज़रूरतों और पात्रता का ध्यान नहीं रखा गया, तो इसका असर भविष्य के विकास पर पड़ सकता है।
भाकपा माले के प्रखंड सचिव अमरसेन और जदयू प्रखंड अध्यक्ष जसवंत कुशवाहा ने प्रस्तावित सीमांकन और मौजों के चयन पर आपत्ति जताई है। दोनों नेताओं ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया। किसान नेता उत्कर्ष यादव ने भी कुछ खास मौजों को शामिल किए जाने पर सवाल उठाते हुए भेंदभाव की आशंका व्यक्त की है।
वहीं, दुल्हिन बाजार की अंचलाधिकारी (सीओ) स्वेता सिन्हा ने सीमांकन में भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत गठन का प्रस्ताव सरकार के दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के आधार पर तैयार किया गया है।
सीओ के अनुसार, प्रशासन ने सभी जरूरी पहलुओं को ध्यान में रखकर प्रस्तावित क्षेत्र का चयन किया है। मौजों के चयन से पहले जनसंख्या घनत्व, लोगों की जीवनशैली, व्यावसायिक गतिविधियां और शौक्षणिक स्तर सहित कई विषयों का गहन अध्ययन किया गया है। इन्हीं मानकों के आधार पर प्रस्तावित नगर पंचायत का दायरा तय किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची को लेकर किसी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि या संगठन को आपत्ति या सुझाव है, तो वह सक्षम प्राधिकार के समक्ष दर्ज करा सकता है। प्राप्त आपत्तियों की नियमानुसार जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मौजों की सूची में संशोधन किया जा सकता है। इसके बाद नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
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