📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने लाइव-इन रिश्तों में हिंसा पर नया कानून पेश किया
✍️ Tupaki English
🗓 04 अग. 2026, 10:48 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने लाइव-इन रिश्तों में हिंसा को लेकर नया कानून लागू किया, जो एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने लाइव-इन रिश्तों में हिंसा को रोकने के लिए नया कानून पारित किया है। इस निर्णय को कई लोगों ने सनसनीखेज बताया है, क्योंकि यह पारंपरिक वैवाहिक ढांचे से परे घरेलू दुरुपयोग से निपटने के लिए कड़े कानूनी कदम उठाता है।
नया कानून अधिकारियों को गैर-वैवाहिक सहवास में शारीरिक या मनोवैज्ञानिक नुकसान झेल रहे साथी की तुरंत सहायता करने का अधिकार देता है। यह कानून ‘लाइव-इन रिश्ते’ की परिभाषा को स्पष्ट करता है, जिससे पीड़ित बिना वैवाहिक प्रमाण के भी कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यान्वयन के सटीक तरीकों पर अभी चर्चा चल रही है, परंतु यह घोषणा पहले से ही कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट का यह कदम भारत के अन्य न्यायक्षेत्रों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जिससे भविष्य में पारिवारिक और आपराधिक कानूनों में संशोधन हो सकता है। हितधारक आशा करते हैं कि नया ढांचा कानून प्रवर्तन और न्यायिक अधिकारियों को सहवास में होने वाले घरेलू हिंसा के मामलों से निपटने के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन देगा।
नया कानून अधिकारियों को गैर-वैवाहिक सहवास में शारीरिक या मनोवैज्ञानिक नुकसान झेल रहे साथी की तुरंत सहायता करने का अधिकार देता है। यह कानून ‘लाइव-इन रिश्ते’ की परिभाषा को स्पष्ट करता है, जिससे पीड़ित बिना वैवाहिक प्रमाण के भी कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यान्वयन के सटीक तरीकों पर अभी चर्चा चल रही है, परंतु यह घोषणा पहले से ही कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट का यह कदम भारत के अन्य न्यायक्षेत्रों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जिससे भविष्य में पारिवारिक और आपराधिक कानूनों में संशोधन हो सकता है। हितधारक आशा करते हैं कि नया ढांचा कानून प्रवर्तन और न्यायिक अधिकारियों को सहवास में होने वाले घरेलू हिंसा के मामलों से निपटने के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन देगा।