📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ricardo Stuckert/PR
राजनीति
सोनिया गांधी ने पीएम के फैसले, आपातकाल और कांग्रेस की वैचारिक दिशा पर टिप्पणी की
✍️ ThePrint
🗓 08 नव. 2026, 07:19 AM
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सीनियर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री के हालिया फैसले, आपातकाल की विरासत और मोदी सरकार में कांग्रेस की वैचारिक चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए।
सोनिया गांधी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दीर्घकालिक अध्यक्ष, दि प्रिंट के साथ एक साक्षात्कार में हालिया राजनीतिक घटनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत कर रही थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के नवीनतम नीति निर्णय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह निर्णय देश के शासन‑परिदृश्य में चल रहे बदलावों का निरंतर हिस्सा है।
गांधी ने 1975‑77 के आपातकाल को भी याद किया, यह बताते हुए कि उसकी विरासत भारतीय लोकतंत्र पर आज भी गहरा असर रखती है। उन्होंने कांग्रेस को उस अवधि को ईमानदारी से स्वीकार करने और समकालीन राजनीति के लिए अपनी वैचारिक नींव को पुनः परिभाषित करने का आह्वान किया।
वयोवृद्ध नेता ने चेतावनी दी कि पार्टी आंतरिक वैचारिक संघर्षों का सामना कर रही है, और मोदी सरकार के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए एकजुट दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उनके बयानों से कांग्रेस में रणनीति, पहचान और आगामी चुनावों के संदर्भ में प्रासंगिकता पर चल रही बहसें स्पष्ट होती हैं।
गांधी ने 1975‑77 के आपातकाल को भी याद किया, यह बताते हुए कि उसकी विरासत भारतीय लोकतंत्र पर आज भी गहरा असर रखती है। उन्होंने कांग्रेस को उस अवधि को ईमानदारी से स्वीकार करने और समकालीन राजनीति के लिए अपनी वैचारिक नींव को पुनः परिभाषित करने का आह्वान किया।
वयोवृद्ध नेता ने चेतावनी दी कि पार्टी आंतरिक वैचारिक संघर्षों का सामना कर रही है, और मोदी सरकार के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए एकजुट दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उनके बयानों से कांग्रेस में रणनीति, पहचान और आगामी चुनावों के संदर्भ में प्रासंगिकता पर चल रही बहसें स्पष्ट होती हैं।