🔥 ट्रेंडिंग ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का शक्ति... छतरपुर में 8 माह के बेटे को ससुर की गो... जोधपुर में घोड़ा मक्खियों ने 2 दिन में... करौली नगरपरिषद ने 3.23 करोड़ के बजट से... मुंबई के नालासोपारा में एक लिफ्ट अचान... *“ ಬೀದರ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಪೊಲೀಸ್ ಇಲಾಖೆಯಲ್ಲಿ ವಯೋ...
31 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
सारपंच चमेली ओझा ने ओडिशा में अविश्वास नोटिस के खिलाफ जीत हासिल की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / J.M.Garg
राजनीति

सारपंच चमेली ओझा ने ओडिशा में अविश्वास नोटिस के खिलाफ जीत हासिल की

✍️ Kanak News Odisha 🗓 31 अक्टू. 2026, 02:57 PM 👁 20
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

ग्राम पंचायत की सरपंच चमेली ओझा ने अपने खिलाफ दायर अविश्वास नोटिस को रद्द करने के लिए न्यायालय में जीत हासिल की, जिससे उनका पद बरकरार रहा।

ओडिशा के एक ग्राम पंचायत की निर्वाचित सरपंच चमेली ओझा ने उस अविश्वास नोटिस को चुनौती दी, जो इस वर्ष की शुरुआत में उनके खिलाफ जारी किया गया था। जिला न्यायालय ने कहा कि नोटिस प्रक्रिया में त्रुटिपूर्ण था और इसलिए अमान्य, जिससे ओझा अपने पद पर बनी रहीं।

ओझा ने तर्क दिया कि नोटिस को वैध कारण, उचित बहुमत और नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। न्यायालय ने पंचायत राज अधिनियम के तहत निर्वाचित अधिकारियों को हटाने की शर्तों की पुष्टि की।

इस फैसले से स्थानीय प्रशासन में स्थिरता आएगी, क्योंकि कानूनी विवाद के कारण पहले अनिश्चितता बनी थी। गाँव के लोग और स्थानीय अधिकारी इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि इससे पंचायत में शासकीय खालीपन नहीं होगा।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला ग्रामीण लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उचित प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित करता है, विशेषकर ओडिशा जैसे क्षेत्रों में जहाँ पंचायत के निर्णय सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं।

चमेली ओझा की जीत अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों को समान प्रक्रिया संबंधी चुनौतियों का सामना करने पर एक मिसाल स्थापित कर सकती है।
📲Get App