📷 चित्र स्रोत: The Hindu (via NewsData)
राजनीति
आरएसएस नेता सुनील अंबेकर ने जनसंख्या नीति की समीक्षा का आह्वान
✍️ The Hindu
🗓 01 अक्टू. 2026, 06:33 AM
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आरएसएस के नेता सुनील अंबेकर ने भारत में जनसांख्यिकीय असंतुलन को उजागर किया और जनसंख्या नीतियों की निरपेक्ष समीक्षा की मांग की।
आरएसएस के वरिष्ठ नेता सुनील अंबेकर ने नई दिल्ली में एक सभा को संबोधित करते हुए बताया कि भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव स्पष्ट हो रहा है और इसे गंभीरता से देखना आवश्यक है।
उन्होंने इस विषय पर “धर्मनिरपेक्ष” और “साम्प्रदायिक” लेबल हटाने की अपील की, यह कहते हुए कि जनसंख्या नीतियों का मूल्यांकन तथ्यात्मक आधार पर होना चाहिए। अंबेकर ने कहा कि मौजूदा नीतियों को क्षेत्रीय जन्मदर, प्रवासन और आयु संरचना में अंतर को ध्यान में रखकर पुनः परखना चाहिए।
इन बातों के बीच सरकार जनसंख्या प्रवृत्तियों और उनके आर्थिक योजना पर प्रभाव को लगातार मॉनिटर कर रही है। जबकि कोई विशिष्ट नीति प्रस्ताव नहीं दिया गया, अंबेकर ने व्यापक सार्वजनिक चर्चा और जनसांख्यिकी विशेषज्ञों की भागीदारी की मांग की।
उन्होंने इस विषय पर “धर्मनिरपेक्ष” और “साम्प्रदायिक” लेबल हटाने की अपील की, यह कहते हुए कि जनसंख्या नीतियों का मूल्यांकन तथ्यात्मक आधार पर होना चाहिए। अंबेकर ने कहा कि मौजूदा नीतियों को क्षेत्रीय जन्मदर, प्रवासन और आयु संरचना में अंतर को ध्यान में रखकर पुनः परखना चाहिए।
इन बातों के बीच सरकार जनसंख्या प्रवृत्तियों और उनके आर्थिक योजना पर प्रभाव को लगातार मॉनिटर कर रही है। जबकि कोई विशिष्ट नीति प्रस्ताव नहीं दिया गया, अंबेकर ने व्यापक सार्वजनिक चर्चा और जनसांख्यिकी विशेषज्ञों की भागीदारी की मांग की।