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राजनीति
राजस्थान हाई कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनाव में गिरफ्तार स्वतंत्र विधायक के खिलाफ FIR को रद्द किया
✍️ The Hindu
🗓 30 सित. 2026, 06:44 AM
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राजस्थान हाई कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान गिरफ्तार हुए स्वतंत्र विधायक के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया, जिससे विधायक पर लगे आरोपों से मुक्त हो गया।
राजस्थान हाई कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान गिरफ्तार हुए एक स्वतंत्र विधायक के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस FIR में अभियोजन जारी रखने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
यह विधायक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहा था और चुनावी मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के आरोप में उसे हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद, विधायक ने FIR की वैधता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि ये आरोप राजनीतिक कारणों से लगाए गए हैं।
कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि प्रस्तुत साक्ष्य मामले को जारी रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, और पुलिस को FIR बंद करने का निर्देश दिया। इस निर्णय से विधायक पर चुनाव से जुड़ी सभी आपराधिक दायित्व समाप्त हो गए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला चुनाव‑संबंधी शिकायतों की जांच में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है और प्रक्रियात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करता है। हाई कोर्ट का आदेश राज्य में समान मामलों पर प्रभाव डाल सकता है।
अब तक पुलिस ने कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं की है, और विधायक बिना FIR के बोझ के अपने विधायी कर्तव्यों को फिर से निभा सकते हैं।
यह विधायक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहा था और चुनावी मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के आरोप में उसे हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद, विधायक ने FIR की वैधता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि ये आरोप राजनीतिक कारणों से लगाए गए हैं।
कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि प्रस्तुत साक्ष्य मामले को जारी रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, और पुलिस को FIR बंद करने का निर्देश दिया। इस निर्णय से विधायक पर चुनाव से जुड़ी सभी आपराधिक दायित्व समाप्त हो गए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला चुनाव‑संबंधी शिकायतों की जांच में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है और प्रक्रियात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करता है। हाई कोर्ट का आदेश राज्य में समान मामलों पर प्रभाव डाल सकता है।
अब तक पुलिस ने कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं की है, और विधायक बिना FIR के बोझ के अपने विधायी कर्तव्यों को फिर से निभा सकते हैं।