📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Himanshu Arya Khowal
राजनीति
राहुल गांधी ने दिवाली से पहले वोट चोरी विवाद में रणनीति बैठक का आदेश दिया
✍️ India Today
🗓 05 नव. 2026, 09:16 PM
👁 18
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिवाली से पहले एक रणनीति बैठक का आदेश दिया, जिसमें वरिष्ठ मंत्रियों और पार्टी इंचार्जों को बुलाया गया, जबकि पार्टी पर वोट चोरी के आरोप लगे हैं।
नई दिल्ली, 5 नवंबर (इंडिया टुडे) – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पार्टी के शीर्ष स्तर के नेताओं के लिए एक तात्कालिक रणनीति बैठक का आदेश दिया। यह बैठक दिवाली की छुट्टियों से पहले आयोजित होगी और इसमें मंत्रियों, राज्य इंचार्जों और अन्य वरिष्ठ कार्यकारियों को बुलाया गया है।
यह घोषणा हाल ही में हुए उपचुनावों में वोट चोरी के आरोपों के चलते बढ़ते विवाद के बीच आई है, जिसे विपक्ष ने "वोट चोरी" स्कैंडल कहा है। गांधी ने कहा कि इस बैठक में नुकसान को सीमित करने, आगामी चुनावी अभियानों के समन्वय और त्योहारी मौसम से पहले पार्टी के संदेश को सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी।
पार्टी के सूत्रों ने बताया कि एजेंडा में चुनावी प्रदर्शन डेटा की समीक्षा, लोकसभा चुनाव के अगले चरण के लिए संसाधनों का आवंटन और मीडिया की आलोचना के प्रति एकीकृत प्रतिक्रिया शामिल होगी। बैठक का स्थान या सटीक समय अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि दिवाली से पहले वरिष्ठ नेताओं को एकत्रित करना एक रणनीतिक कदम है, जिससे एकता और तत्परता का संदेश दिया जा सके, विशेषकर उन राज्यों में जहाँ वोट चोरी के आरोपों ने विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया है।
बैठक बंद दरवाज़े वाली होगी, और इसके परिणामों को पार्टी के कार्यकर्ताओं तक आने वाले दिनों में संप्रेषित किया जाएगा।
यह घोषणा हाल ही में हुए उपचुनावों में वोट चोरी के आरोपों के चलते बढ़ते विवाद के बीच आई है, जिसे विपक्ष ने "वोट चोरी" स्कैंडल कहा है। गांधी ने कहा कि इस बैठक में नुकसान को सीमित करने, आगामी चुनावी अभियानों के समन्वय और त्योहारी मौसम से पहले पार्टी के संदेश को सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी।
पार्टी के सूत्रों ने बताया कि एजेंडा में चुनावी प्रदर्शन डेटा की समीक्षा, लोकसभा चुनाव के अगले चरण के लिए संसाधनों का आवंटन और मीडिया की आलोचना के प्रति एकीकृत प्रतिक्रिया शामिल होगी। बैठक का स्थान या सटीक समय अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि दिवाली से पहले वरिष्ठ नेताओं को एकत्रित करना एक रणनीतिक कदम है, जिससे एकता और तत्परता का संदेश दिया जा सके, विशेषकर उन राज्यों में जहाँ वोट चोरी के आरोपों ने विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया है।
बैठक बंद दरवाज़े वाली होगी, और इसके परिणामों को पार्टी के कार्यकर्ताओं तक आने वाले दिनों में संप्रेषित किया जाएगा।