📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
राजनीति
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने आयकर धारा 147ए को असंवैधानिक घोषित किया
✍️ Live Law
🗓 10 सित. 2026, 02:38 PM
👁 49
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने आयकर अधिनियम की धारा 147ए को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिससे सरकार को बिना औपचारिक मूल्यांकन के करदाता की आय का प्रतिशत मांगने की अनुमति समाप्त हो गई।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार को आयकर अधिनियम की धारा 147ए को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिससे सरकार को करदाता की आय पर बिना औपचारिक मूल्यांकन के प्रतिशत लेने का प्रावधान रद्द हो गया।
न्यायालय ने पाया कि यह धारा संविधान के समानता अधिकार और उचित प्रक्रिया के सिद्धांत का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह सरकार को बिना ऑडिट या न्यायालय के आदेश के कर लगाने की अनुमति देती है।
धारा 147ए का उपयोग अनुमानित आय के आधार पर अग्रिम कर वसूलने के लिए किया जाता था, जिससे अक्सर गणना की सटीकता पर विवाद होते थे। यह निर्णय इस प्रावधान की समीक्षा का संकेत देता है और अग्रिम कर मामलों को प्रभावित कर सकता है।
यह फैसला कर संग्रहण तंत्र की निष्पक्षता पर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है और सरकार द्वारा बिना सत्यापित आय पर कर लगाने के तरीके में बदलाव ला सकता है। न्यायालय ने सरकार को धारा 147ए के तहत किसी भी लंबित आदेश को वापस लेने का निर्देश दिया।
न्यायालय ने पाया कि यह धारा संविधान के समानता अधिकार और उचित प्रक्रिया के सिद्धांत का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह सरकार को बिना ऑडिट या न्यायालय के आदेश के कर लगाने की अनुमति देती है।
धारा 147ए का उपयोग अनुमानित आय के आधार पर अग्रिम कर वसूलने के लिए किया जाता था, जिससे अक्सर गणना की सटीकता पर विवाद होते थे। यह निर्णय इस प्रावधान की समीक्षा का संकेत देता है और अग्रिम कर मामलों को प्रभावित कर सकता है।
यह फैसला कर संग्रहण तंत्र की निष्पक्षता पर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है और सरकार द्वारा बिना सत्यापित आय पर कर लगाने के तरीके में बदलाव ला सकता है। न्यायालय ने सरकार को धारा 147ए के तहत किसी भी लंबित आदेश को वापस लेने का निर्देश दिया।