📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
राजनीति
पीएम मोदी ने 'फ्रैजाइल 5' लेबल को खारिज किया, भारत की जीडीपी पर भरोसा जताया
✍️ Times of India
🗓 06 सित. 2026, 06:47 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 'फ्रैजाइल 5' में शामिल करने को खारिज किया, यह कहा कि यह देश की जीडीपी प्रदर्शन पर संदेह दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के जवाब में कहा कि भारत को "फ्रैजाइल 5" समूह में शामिल करना देश की जीडीपी वृद्धि पर भरोसे की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लेबल निवेशकों को गुमराह कर सकते हैं और भारत की आर्थिक शक्ति को कम आंकते हैं। मोदी ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत गति से बढ़ रही है, और विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर गति देखी जा रही है। उन्होंने विश्लेषकों और विदेशी पर्यवेक्षकों से अनुरोध किया कि वे देश के दीर्घकालिक सुधारों और जनसांख्यिकीय लाभ को ध्यान में रखें। यह टिप्पणी नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान की गई, जहाँ उन्होंने उत्पादकता और रोजगार बढ़ाने के लिए चल रही नीति उपायों को भी उजागर किया।
"फ्रैजाइल 5" सूची एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय अनुसंधान फर्म द्वारा तैयार की गई है, जिसमें उन अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया जाता है जिन्हें बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशील माना जाता है। इस सूची के आलोचक कहते हैं कि यह भारत के बड़े घरेलू बाजार और वैश्विक चुनौतियों के सामने उसकी लचीलापन को नजरअंदाज करता है। मोदी का बयान इस बात को रेखांकित करता है कि बाहरी मूल्यांकन भारत के विकास कथा को निर्धारित नहीं कर सकते।
प्रधानमंत्री ने विशिष्ट जीडीपी आंकड़े नहीं बताए, पर यह ज़ोर दिया कि भारत की विकास दिशा ऊपर की ओर है, मजबूत उपभोक्ता मांग और निर्यात बाजार के विस्तार से समर्थित है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों से देश की आर्थिक संभावनाओं को पहचानने का आग्रह किया, न कि संभावित कमजोरियों पर ध्यान केंद्रित करने का।
"फ्रैजाइल 5" सूची एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय अनुसंधान फर्म द्वारा तैयार की गई है, जिसमें उन अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया जाता है जिन्हें बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशील माना जाता है। इस सूची के आलोचक कहते हैं कि यह भारत के बड़े घरेलू बाजार और वैश्विक चुनौतियों के सामने उसकी लचीलापन को नजरअंदाज करता है। मोदी का बयान इस बात को रेखांकित करता है कि बाहरी मूल्यांकन भारत के विकास कथा को निर्धारित नहीं कर सकते।
प्रधानमंत्री ने विशिष्ट जीडीपी आंकड़े नहीं बताए, पर यह ज़ोर दिया कि भारत की विकास दिशा ऊपर की ओर है, मजबूत उपभोक्ता मांग और निर्यात बाजार के विस्तार से समर्थित है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों से देश की आर्थिक संभावनाओं को पहचानने का आग्रह किया, न कि संभावित कमजोरियों पर ध्यान केंद्रित करने का।