📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Commerce and Industry (India)
राजनीति
पियूष गोयल पर '5 बजे नहीं, वीकेंड नहीं' वाली बातों को लेकर तंज
✍️ The Week
🗓 29 अक्टू. 2026, 04:48 AM
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केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल पर भारतीय कार्य संस्कृति के लिए मानक समय और वीकेंड से परे काम करने की बात करने पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है।
केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने हाल ही में भारतीय कार्य संस्कृति पर किए गए अपने बयानों के कारण तीखी आलोचना का शिकार हो रहे हैं। विवाद उनकी बात पर केंद्रित है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कार्यबल को पारंपरिक 5 बजे के समय सीमा और नियमित वीकेंड बिना काम करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
आलोचकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस बयान की कड़ाई से निंदा की है, तर्क देते हुए कि यह दृष्टिकोण कार्य-जीवन संतुलन और श्रमिक अधिकारों की अनदेखी करता है। कई लोगों ने यह भी जोर देकर कहा है कि उत्पादकता को अत्यधिक कार्य घंटों से नहीं, बल्कि दक्षता और उचित कार्य परिस्थितियों से जोड़ा जाना चाहिए।
मंत्री के इन शब्दों ने भारत में आधुनिक कार्य प्रथाओं के चारों ओर चर्चा को फिर से जगा दिया है, जहाँ कई पेशेवर और श्रमिक वकालतकर्ता अत्यधिक काम को प्रशंसने के बजाय संरचित घंटों और कर्मचारी कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने की मांग कर रहे हैं।
आलोचकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस बयान की कड़ाई से निंदा की है, तर्क देते हुए कि यह दृष्टिकोण कार्य-जीवन संतुलन और श्रमिक अधिकारों की अनदेखी करता है। कई लोगों ने यह भी जोर देकर कहा है कि उत्पादकता को अत्यधिक कार्य घंटों से नहीं, बल्कि दक्षता और उचित कार्य परिस्थितियों से जोड़ा जाना चाहिए।
मंत्री के इन शब्दों ने भारत में आधुनिक कार्य प्रथाओं के चारों ओर चर्चा को फिर से जगा दिया है, जहाँ कई पेशेवर और श्रमिक वकालतकर्ता अत्यधिक काम को प्रशंसने के बजाय संरचित घंटों और कर्मचारी कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने की मांग कर रहे हैं।