📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Photo Division, Ministry of Information & Broadcas
स्थानीय
पटना सचिवालय: 11 अगस्त 1942 को सात छात्रों को शहीद किया गया
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 11 अग. 2026, 07:55 AM
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भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के प्रयास में सात छात्रों को अंग्रेजी सैनिकों ने गोली मारकर मार डाला।
11 अगस्त 1942 को, भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, पटना के सचिवालय में तिरंगा फहराने के लिए सात छात्र एकत्रित हुए। यह कदम ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक साहसिक विरोध का प्रतीक था।
सचिवालय पहुँचते ही उन्हें अंग्रेजी सैनिकों ने गोली मार दी, और सभी सात छात्र उसी स्थान पर शहीद हो गए।
इन शहीदों में से एक थे जगतपति कुमार, जो औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड स्थित खरांटी गाँव के निवासी थे। उनका योगदान ग्रामीण इलाकों की भागीदारी को दर्शाता है।
आज जगतपति कुमार का घर खंडहर में बदल चुका है, जो आज़ादी के संघर्ष में किये गए बलिदानों की याद दिलाता है।
सचिवालय पहुँचते ही उन्हें अंग्रेजी सैनिकों ने गोली मार दी, और सभी सात छात्र उसी स्थान पर शहीद हो गए।
इन शहीदों में से एक थे जगतपति कुमार, जो औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड स्थित खरांटी गाँव के निवासी थे। उनका योगदान ग्रामीण इलाकों की भागीदारी को दर्शाता है।
आज जगतपति कुमार का घर खंडहर में बदल चुका है, जो आज़ादी के संघर्ष में किये गए बलिदानों की याद दिलाता है।