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पटना सिटी के मेंहदीगंज थाना क्षेत्र मे सेफ्टी टैंक में गिरने से बच्चे कि हुई मौत
राजधानी पटना के पटना सिटी इलाके के मेहदीगंज थाना क्षेत्र स्थित शिव कॉलनी में निर्माणाधीन मकान के सेफ़्टी टैंक में गिरने से एक बच्चे कि हुई मौत
पटना से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
राजधानी पटना के पटना सिटी इलाके में खुले सेफ्टी टैंक ने ली 4 वर्षीय पीयूष की जान, मकान मालिक पर होगी कानूनी कर्रवाई
परिजनों ने काफी देर तक की तलाश, टंकी में तैरती चप्पल देखकर हुआ हादसे का खुलासा; पड़ोसी बीएमपी जवान ने टंकी में कूदकर बच्चे को निकाला_
बिहार की राजधानी पटना के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र की शिव कॉलोनी में 28 अक्टूबर 2026 दिन बुधवार को खुले सेफ्टी टैंक में गिरने से चार वर्षीय पीयूष कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार शाम हुए इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है। घटना ने निर्माणाधीन मकानों में सुरक्षा व्यवस्था और खुले गड्ढों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीयूष अपने परिवार के साथ शिव कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। उसके घर से कुछ ही दूरी पर एक नवनिर्मित मकान में शौचालय के लिए करीब चार फीट गहरा सेफ्टी टैंक बनाया गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, टैंक खुला हुआ था। आरोप है कि आसपास के लोगों ने मकान मालिक को टैंक ढकने के लिए कहा था, लेकिन इसे ढका नहीं गया।
बुधवार शाम करीब पांच बजे पीयूष खेलते-खेलते अचानक लापता हो गया। काफी देर तक बच्चे के नहीं मिलने पर परिजनों ने घर और आसपास उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान खुले सेफ्टी टैंक में बच्चे की चप्पल तैरती हुई दिखाई दी। इसके बाद अनहोनी की आशंका गहरा गई।
बीएमपी जवान ने टंकी में कूदकर निकाला बच्चा
बच्चे को टैंक में देखकर पड़ोस में रहने वाले मनोज, जो बीएमपी में कांस्टेबल बताए जा रहे हैं, ने साहस दिखाते हुए टंकी में छलांग लगा दी और पीयूष को बाहर निकाला। बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद मेहंदीगंज थाने की पुलिस जांच में जुट गई। मृतक के परिवार का संबंध धनरुआ थाना क्षेत्र से बताया जा रहा है। पटना में किराए के मकान में रह रहे परिवार के लिए यह हादसा असहनीय दुख लेकर आया है।
आवेदन मिलने पर मकान मालिक के खिलाफ होगी कार्रवाई
मेहंदीगंज थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने बताया कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद नवनिर्मित मकान के मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मकान मालिक के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही, घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर निर्माणाधीन मकानों में सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले सेफ्टी टैंक, गड्ढे और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा घेरा नहीं होने से बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि टैंक को समय रहते ढक दिया गया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।सबसे खास बात है कि कल घटना के बाद भी अभी तक टंकी को ढाका नहीं गया है ,घटनास्थल पर ही बच्चे का चप्पल पड़ा हुआ है ,पुलिस प्रशासन चप्पल भी अपने साथ सबूत के तौर पर अभी तक नहीं ले गई है ,घटना के 12 घंटे से ज्यादा समय बीत गए हैं लेकिन मकान मालिक का नाम भी पुलिस प्रशासन पता करने में असफल रही
राजधानी पटना के पटना सिटी इलाके में खुले सेफ्टी टैंक ने ली 4 वर्षीय पीयूष की जान, मकान मालिक पर होगी कानूनी कर्रवाई
परिजनों ने काफी देर तक की तलाश, टंकी में तैरती चप्पल देखकर हुआ हादसे का खुलासा; पड़ोसी बीएमपी जवान ने टंकी में कूदकर बच्चे को निकाला_
बिहार की राजधानी पटना के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र की शिव कॉलोनी में 28 अक्टूबर 2026 दिन बुधवार को खुले सेफ्टी टैंक में गिरने से चार वर्षीय पीयूष कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार शाम हुए इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है। घटना ने निर्माणाधीन मकानों में सुरक्षा व्यवस्था और खुले गड्ढों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीयूष अपने परिवार के साथ शिव कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। उसके घर से कुछ ही दूरी पर एक नवनिर्मित मकान में शौचालय के लिए करीब चार फीट गहरा सेफ्टी टैंक बनाया गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, टैंक खुला हुआ था। आरोप है कि आसपास के लोगों ने मकान मालिक को टैंक ढकने के लिए कहा था, लेकिन इसे ढका नहीं गया।
बुधवार शाम करीब पांच बजे पीयूष खेलते-खेलते अचानक लापता हो गया। काफी देर तक बच्चे के नहीं मिलने पर परिजनों ने घर और आसपास उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान खुले सेफ्टी टैंक में बच्चे की चप्पल तैरती हुई दिखाई दी। इसके बाद अनहोनी की आशंका गहरा गई।
बीएमपी जवान ने टंकी में कूदकर निकाला बच्चा
बच्चे को टैंक में देखकर पड़ोस में रहने वाले मनोज, जो बीएमपी में कांस्टेबल बताए जा रहे हैं, ने साहस दिखाते हुए टंकी में छलांग लगा दी और पीयूष को बाहर निकाला। बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद मेहंदीगंज थाने की पुलिस जांच में जुट गई। मृतक के परिवार का संबंध धनरुआ थाना क्षेत्र से बताया जा रहा है। पटना में किराए के मकान में रह रहे परिवार के लिए यह हादसा असहनीय दुख लेकर आया है।
आवेदन मिलने पर मकान मालिक के खिलाफ होगी कार्रवाई
मेहंदीगंज थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने बताया कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद नवनिर्मित मकान के मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मकान मालिक के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही, घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर निर्माणाधीन मकानों में सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले सेफ्टी टैंक, गड्ढे और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा घेरा नहीं होने से बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि टैंक को समय रहते ढक दिया गया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।सबसे खास बात है कि कल घटना के बाद भी अभी तक टंकी को ढाका नहीं गया है ,घटनास्थल पर ही बच्चे का चप्पल पड़ा हुआ है ,पुलिस प्रशासन चप्पल भी अपने साथ सबूत के तौर पर अभी तक नहीं ले गई है ,घटना के 12 घंटे से ज्यादा समय बीत गए हैं लेकिन मकान मालिक का नाम भी पुलिस प्रशासन पता करने में असफल रही