स्वास्थ्य
पटना के मेदांता अस्पताल में गैल ब्लाडर के पत्थर न मिलने की आश्चर्यजनक घटना
कई डॉक्टरों ने माताजी को 6‑7 मिमी के गैल ब्लाडर पत्थर बताये, पर मेदांता अस्पताल में जाँच में कोई पत्थर नहीं मिला और होमियोपैथिक दवा से उनका निवारण हुआ।
लगभग दो वर्षों से माताजी के स्वास्थ्य को लेकर परिवार अत्यधिक चिंतित रहा। विभिन्न चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड में गैल ब्लाडर में 6‑7 मिमी के कई पत्थर दिखाए और उम्र व हार्ट की समस्या के कारण ऑपरेशन में कठिनाई की आशंका जताई।
हाल ही में पटना के मेदांता अस्पताल में विस्तृत जांच के दौरान यह पता चला कि गैल ब्लाडर में कोई पत्थर नहीं है, जिससे पहले के निदान में विसंगति स्पष्ट हुई।
परमाराध्य गुरुदेव की कृपा से प्राप्त राजीव दीक्षित के एक वीडियो में होमियोपैथिक दवा के बारे में बताया गया, जिसे दो महीने तक माताजी को दिया गया। परिवार ने बताया कि दवा लेने के बाद सभी पत्थर समाप्त हो गए।
रिपोर्टर ने इन अनुभवों को साझा करने का उद्देश्य इस दवा के बारे में आमजन को जानकारी देना और संभावित लाभ की ओर इशारा करना बताया है।
हाल ही में पटना के मेदांता अस्पताल में विस्तृत जांच के दौरान यह पता चला कि गैल ब्लाडर में कोई पत्थर नहीं है, जिससे पहले के निदान में विसंगति स्पष्ट हुई।
परमाराध्य गुरुदेव की कृपा से प्राप्त राजीव दीक्षित के एक वीडियो में होमियोपैथिक दवा के बारे में बताया गया, जिसे दो महीने तक माताजी को दिया गया। परिवार ने बताया कि दवा लेने के बाद सभी पत्थर समाप्त हो गए।
रिपोर्टर ने इन अनुभवों को साझा करने का उद्देश्य इस दवा के बारे में आमजन को जानकारी देना और संभावित लाभ की ओर इशारा करना बताया है।