🔥 ट्रेंडिंग ભરૂચ: સોસાયટીના કોમન પ્લોટમાંથી નવજાત... 26 सितंबर–2 अक्टूबर तक तमिल OTT रिलीज़... वी ने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक के नए... रेटेड 'गॉडज़िला माइनस ज़ीरो' का शानदार... टेलर स्विफ्ट का मडोना मोमेंट, लिप रीडर... रनबीर कपूर का भगवान राम बीटीएस वीडियो...
29 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
एनसी का दावा: मुस्लिम‑बहुलता के कारण जम्मू-कश्मीर को राज्य दर्जा नहीं मिला
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
राजनीति

एनसी का दावा: मुस्लिम‑बहुलता के कारण जम्मू-कश्मीर को राज्य दर्जा नहीं मिला

✍️ Daily Excelsior 🗓 04 सित. 2026, 07:33 AM 👁 33
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस का कहना है कि केंद्र ने इस क्षेत्र को मुस्लिम‑बहुल होने के कारण राज्य दर्जा नहीं दिया।

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि केंद्र ने इस क्षेत्र को राज्य दर्जा न देने का कारण उसकी मुस्लिम‑बहुल जनसंख्या है। पार्टी का कहना है कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद क्षेत्र को केवल केंद्र शासित प्रदेश बनाना धार्मिक पक्षपात का प्रतिबिंब है।

एनसी के नेताओं ने संविधानिक बदलाव के समय को दर्शाते हुए कहा कि यह कदम केवल प्रशासनिक कारणों से नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक गणनाओं के साथ किया गया। उन्होंने बताया कि भारत के अन्य राज्यों को, जिनकी जनसंख्या विविध है, राज्य दर्जा दिया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर को ऐसा नहीं किया गया, जिससे यह भेदभावपूर्ण नीति प्रतीत होती है।

यह बयान क्षेत्र के भविष्य और राज्य दर्जा बहाल करने की मांगों के बीच जारी है। जबकि केंद्र सरकार ने कहा है कि पुनर्गठन विकास और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए किया गया था, एनसी का मानना है कि इसका मूल उद्देश्य मुस्लिम‑बहुल क्षेत्र को हाशिए पर रखना है।

वर्तमान में गृह मंत्रालय से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और यह मुद्दा राज्य की राजनीतिक बहस में एक प्रमुख बिंदु बना हुआ है।
📲Get App