🔥 TRENDING अनुसूचित जाति आयोग सदस्य बारेलाल अहिरव... जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी ने सुन... 136 Trekker Stranded in Uttarkashi Ami... Trump Rejects Iran Truce Plan Over Lea... Man Beaten to Death in Ballia Over Ele... TVK Criticizes Udhayanidhi Stalin Over...
28 Sep 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
नवादा में दुग्ध समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों का एक दिवसीय समागम आयोजित, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
Agriculture

नवादा में दुग्ध समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों का एक दिवसीय समागम आयोजित, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

✍️ Reporter: Ramlakhan Kumar 🗓 08 Sep 2026, 08:52 AM 👁 42
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

सोमवार, 7 सितंबर 2026 को डीआरडीए सभागार, नवादा में दुग्ध समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों का एक दिवसीय समागम आयोजित किया गया। बैठक में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, गुणवत्ता, विपणन एवं भुगतान व्यवस्था पर चर्चा करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उपायों पर बल दिया गया।

दुग्ध समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों का एक दिवसीय समागम सोमवार, 7 सितंबर 2026 को डीआरडीए सभागार, नवादा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश, उप विकास आयुक्त शंभू शरण पांडेय एवं अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

समागम का मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा डेयरी क्षेत्र की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार एवं बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। इस दौरान दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, गुणवत्ता, विपणन, भुगतान व्यवस्था तथा दुग्ध समितियों के सुचारू संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने दुग्ध समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों को निर्देश दिया कि दुग्ध उत्पादकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समितियों का संचालन पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से सुनिश्चित करें। दुग्ध संग्रहण और भुगतान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने तथा उत्पादकों को समय पर भुगतान करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही दूध की नियमित गुणवत्ता जांच एवं मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने ग्रामीण स्तर पर दुग्ध सहकारी समितियों के नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पशुपालकों को सहकारी समितियों से जोड़ा जाए। विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत पशुपालकों, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पाद के लिए बेहतर एवं सुनिश्चित बाजार उपलब्ध होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सरकार द्वारा पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उप विकास आयुक्त शंभू शरण पांडेय ने भी दुग्ध समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारी व्यवस्था को मजबूत कर पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके दुग्ध उत्पाद के लिए बेहतर बाजार भी सुनिश्चित किया जा सकता है। समागम में नालंदा डेयरी के मुख्य कार्यपालक अरविंद कुमार सिन्हा, पर्यवेक्षक संग्रहण नालंदा डेयरी डॉ. के.के. आजाद, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुशील कुमार सिन्हा, विभिन्न दुग्ध समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
📲Get App