धर्म
नोहर में 78वां असू चंड महोत्सव धूमधाम से संपन्न, भगत मोहन कारो की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
नोहर में पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित 78वें वार्षिक असू चंड महोत्सव का समापन श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रतिभाओं का सम्मान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
नोहर। सिंधी समाज की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक 78वां वार्षिक असू चंड महोत्सव नोहर में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। पूज्य सिंधी पंचायत नोहर के तत्वावधान में श्री अमरलाल साहेब मंदिर में आयोजित इस महोत्सव में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भगवान श्री झूलेलाल के जयकारों और भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महोत्सव के दौरान ज्योत प्रज्वलन, पंजड़ा गायन, प्रतिभा सम्मान समारोह, लंगर सेवा, डांडिया नृत्य और भजन-भगत सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से सिंधी समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज की मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं, लंगर सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
महोत्सव का विशेष आकर्षण महाराष्ट्र के उल्हासनगर से पधारे प्रसिद्ध सिंधी भगत कलाकार भगत मोहन कारो का कार्यक्रम रहा। उन्होंने अपनी पारंपरिक एवं भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। सिंधी भगत की पारंपरिक कला ने कार्यक्रम को विशेष पहचान प्रदान की और समाज की सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरती को उजागर किया।
इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत नोहर के अध्यक्ष श्री रमेश कुमार वधवानी, जिला अध्यक्ष श्री हरीश कुमार वाधवानी सहित समाज के गणमान्यजन और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से महोत्सव धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। 78वें असू चंड महोत्सव ने एक बार फिर सिंधी समाज की भगवान श्री झूलेलाल के प्रति अटूट आस्था, अपनी परंपराओं के प्रति समर्पण और आपसी भाईचारे की भावना को प्रदर्शित किया।
महोत्सव के दौरान ज्योत प्रज्वलन, पंजड़ा गायन, प्रतिभा सम्मान समारोह, लंगर सेवा, डांडिया नृत्य और भजन-भगत सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से सिंधी समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज की मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं, लंगर सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
महोत्सव का विशेष आकर्षण महाराष्ट्र के उल्हासनगर से पधारे प्रसिद्ध सिंधी भगत कलाकार भगत मोहन कारो का कार्यक्रम रहा। उन्होंने अपनी पारंपरिक एवं भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। सिंधी भगत की पारंपरिक कला ने कार्यक्रम को विशेष पहचान प्रदान की और समाज की सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरती को उजागर किया।
इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत नोहर के अध्यक्ष श्री रमेश कुमार वधवानी, जिला अध्यक्ष श्री हरीश कुमार वाधवानी सहित समाज के गणमान्यजन और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से महोत्सव धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। 78वें असू चंड महोत्सव ने एक बार फिर सिंधी समाज की भगवान श्री झूलेलाल के प्रति अटूट आस्था, अपनी परंपराओं के प्रति समर्पण और आपसी भाईचारे की भावना को प्रदर्शित किया।