📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
राजनीति
मंत्री‑विधायक पहुंचे गोवा में ‘विकसित बिहार‑विकसित भारत 2047’ सम्मेलन
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 07 सित. 2026, 12:18 PM
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'लेट्स इंस्पायर बिहार' ने गोवा के वास्को द गामा में 'विकसित बिहार‑विकसित भारत 2047' थीम पर बिहार विकास सम्मेलन 2026 आयोजित किया, जिसमें एक मंत्री और एक विधायक शामिल हुए।
'लेट्स इंस्पायर बिहार' ने गोवा के वास्को द गामा स्थित रविंद्र भवन में बिहार विकास सम्मेलन 2026 का आयोजन किया। इस मंच का मुख्य विषय 'विकसित बिहार‑विकसित भारत 2047' था, जिसका उद्देश्य बिहार को 2047 तक पूरी तरह विकसित करके राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देना है। आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने वरिष्ठ राजनैतिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया, जिसके परिणामस्वरूप एक मंत्री और एक विधायक सम्मिलित हुए। उपस्थित लोग बुनियादी ढाँचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक मार्गों पर चर्चा कर रहे थे, जिससे अगले दो दशकों में बिहार की प्रगति को तेज किया जा सके। सम्मेलन ने बिहार के विकास को राष्ट्रीय 2047 की दृष्टि के साथ संरेखित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
मंत्री और विधायक ने विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ मिलकर चल रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की और नई पहलों की संभावनाओं पर विचार किया, जिससे मौजूदा अंतर को पाटा जा सके। जबकि कोई ठोस नीति घोषणा नहीं हुई, संवाद ने ग्रामीण विद्युतीकरण, कौशल विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे प्राथमिक क्षेत्रों को उजागर किया। आयोजकों ने आशावाद व्यक्त किया कि यह सहयोगी मंच बिहार के परिवर्तन के लिए ठोस योजनाओं में परिवर्तित होगा।
समापन में सभी प्रतिभागियों ने सरकार, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज के बीच निरंतर सहयोग की अपील की, ताकि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित बिहार और मजबूत भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
मंत्री और विधायक ने विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ मिलकर चल रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की और नई पहलों की संभावनाओं पर विचार किया, जिससे मौजूदा अंतर को पाटा जा सके। जबकि कोई ठोस नीति घोषणा नहीं हुई, संवाद ने ग्रामीण विद्युतीकरण, कौशल विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे प्राथमिक क्षेत्रों को उजागर किया। आयोजकों ने आशावाद व्यक्त किया कि यह सहयोगी मंच बिहार के परिवर्तन के लिए ठोस योजनाओं में परिवर्तित होगा।
समापन में सभी प्रतिभागियों ने सरकार, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज के बीच निरंतर सहयोग की अपील की, ताकि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित बिहार और मजबूत भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।