📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
बिज़नेस
माइक्रोड्रामा बाजार में विस्तार, स्थापित ब्रांड्स का प्रवेश
✍️ ET BrandEquity
🗓 08 सित. 2026, 09:38 AM
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भारतीय माइक्रोड्रामा सेक्टर तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे स्थापित मीडिया और उपभोक्ता ब्रांड्स ने लघु‑फॉर्म स्क्रिप्टेड वीडियो लॉन्च किए हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, माइक्रोड्रामा फॉर्मेट – पाँच मिनट से कम की लघु, स्क्रिप्टेड वीडियो कहानियाँ – मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म जैसे यूट्यूब शॉर्ट्स, इंस्टाग्राम रील्स और क्षेत्रीय OTT ऐप्स पर बड़ी दर्शक संख्या हासिल कर रहा है। पिछले वर्ष दर्शकों की संख्या और विज्ञापन खर्च में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे इस क्षेत्र की परिपक्वता स्पष्ट होती है।
परम्परागत टेलीविज़न नेटवर्क और प्रमुख उपभोक्ता ब्रांड्स जैसे स्थापित खिलाड़ी अब इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, ताकि युवा दर्शकों तक प्रभावी पहुंच बना सकें। वे अपनी मौजूदा प्रोडक्शन क्षमताओं और ब्रांड शक्ति का उपयोग करके स्थानीय भाषा में कहानियों को प्रस्तुत कर रहे हैं, जो क्षेत्रीय दर्शकों के साथ गूँजती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्थापित खिलाड़ियों की भागीदारी से उत्पादन मानक ऊँचे होंगे और विज्ञापन दरें बढ़ेंगी, पर साथ ही रचनात्मक प्रतिभा के लिए प्रतिस्पर्धा भी तीव्र होगी। यह प्रवृत्ति भारत के डिजिटल मनोरंजन परिदृश्य में एक व्यापक बदलाव को दर्शाती है, जहाँ लघु‑फॉर्म कंटेंट कहानी कहने और ब्रांड संचार दोनों के लिए मुख्य चैनल बनता जा रहा है।
परम्परागत टेलीविज़न नेटवर्क और प्रमुख उपभोक्ता ब्रांड्स जैसे स्थापित खिलाड़ी अब इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, ताकि युवा दर्शकों तक प्रभावी पहुंच बना सकें। वे अपनी मौजूदा प्रोडक्शन क्षमताओं और ब्रांड शक्ति का उपयोग करके स्थानीय भाषा में कहानियों को प्रस्तुत कर रहे हैं, जो क्षेत्रीय दर्शकों के साथ गूँजती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्थापित खिलाड़ियों की भागीदारी से उत्पादन मानक ऊँचे होंगे और विज्ञापन दरें बढ़ेंगी, पर साथ ही रचनात्मक प्रतिभा के लिए प्रतिस्पर्धा भी तीव्र होगी। यह प्रवृत्ति भारत के डिजिटल मनोरंजन परिदृश्य में एक व्यापक बदलाव को दर्शाती है, जहाँ लघु‑फॉर्म कंटेंट कहानी कहने और ब्रांड संचार दोनों के लिए मुख्य चैनल बनता जा रहा है।