📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika
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राजनीति
इरोम बिशोरजित ने कहा: मणिपुर NRC में देरी नहीं होनी चाहिए
✍️ e-pao.net
🗓 04 सित. 2026, 06:48 PM
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e‑pao.net पर प्रकाशित अपने लेख में इरोम बिशोरजित ने कहा है कि मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को टालना कानूनी और प्रशासनिक समस्याएँ पैदा कर सकता है।
e‑pao.net पर प्रकाशित इरोम बिशोरजित के लेख “Why Manipur National Register of Citizens cannot be delayed” में उन्होंने मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) प्रक्रिया की समयसीमा को नज़रअंदाज़ करने के जोखिमों को रेखांकित किया है।
लेखक का मानना है कि इस नागरिकता सत्यापन कार्यक्रम को टालने से निवासियों को अपने अधिकारों, सार्वजनिक सेवाओं और रोजगार के संबंध में अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा, साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा विभिन्न राज्यों में NRC को समय पर पूरा करने के निर्देशों का उल्लंघन भी होगा।
बिशोरजित ने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों से अपील की है कि वे सत्यापन केंद्रों की स्थापना, डेटा संग्रह और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाएँ, ताकि कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके और नागरिकता प्रक्रिया में भरोसा बना रहे।
हालांकि लेख में कोई नया आँकड़ा नहीं दिया गया, लेकिन यह स्पष्ट करता है कि नागरिक समाज और कानूनी विशेषज्ञों की राय में मणिपुर NRC को नियत समय पर पूरा करना संवैधानिक और प्रशासनिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।
लेखक का मानना है कि इस नागरिकता सत्यापन कार्यक्रम को टालने से निवासियों को अपने अधिकारों, सार्वजनिक सेवाओं और रोजगार के संबंध में अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा, साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा विभिन्न राज्यों में NRC को समय पर पूरा करने के निर्देशों का उल्लंघन भी होगा।
बिशोरजित ने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों से अपील की है कि वे सत्यापन केंद्रों की स्थापना, डेटा संग्रह और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाएँ, ताकि कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके और नागरिकता प्रक्रिया में भरोसा बना रहे।
हालांकि लेख में कोई नया आँकड़ा नहीं दिया गया, लेकिन यह स्पष्ट करता है कि नागरिक समाज और कानूनी विशेषज्ञों की राय में मणिपुर NRC को नियत समय पर पूरा करना संवैधानिक और प्रशासनिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।