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28 सित. 2026•
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*मूल कर्तव्यों की पालना से ही मूल अधिकारों की अवधारणा होगी साकार - पुरोहित

*मूल कर्तव्यों की पालना से ही मूल अधिकारों की अवधारणा होगी साकार - पुरोहित

✍️ रिपोर्टर: Rajendra Kumar sen 🗓 04 सित. 2026, 07:58 AM 👁 83
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*मूल कर्तव्यों की पालना से ही मूल अधिकारों की अवधारणा होगी साकार - पुरोहित*
जैसलमेर, 3 सितम्बर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एक्शन प्लान की पालना में अध्यक्ष ओमी पुरोहित, जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं सचिव ललित पुरोहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जैसलमेर द्वारा जिला कारागृह में संविधान में प्रदत्त मूल अधिकारों एवं कर्तव्यों को लेकर बंदियों के हितार्थ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान न्यायाधीश ने संविधान में वर्णित मूल अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में प्रेरित करते हुए बंदियों से कहा कि मानवाधिकार एवं मूल अधिकार हमें सम्मान से जीने का अधिकार देते हैं एवं इसके साथ ही हमारा यह मूल कर्तव्य बन जाता है कि हम दूसरों के जीवन के अधिकार को भी सम्मान दें। हम सभी का मूल कर्तव्य है कि हम संविधान की गंम्भीरता से पालना करें, भारत की अखंडता, प्रभुता व एकता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण रखें। सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। बंदियों को आत्मचिंतन कर सुधार की बात कही एवं बीती ताहि बिसार के आगे की सुध लेने की प्रेरणा दी।
इस मौके पर बंदियों को नालसा स्पूरहा योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बंदियों के परिवारजनों के सहायतार्थ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है एवं बताया कि जेल में बंद बंदियों के आश्रित परिवारजनों को विधिक व राजकीय योजनाओं की सहायता प्रदान की जाती है साथ ही बंदियों को उनके विधिक अधिकारों तथा अदालती प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही बंदियों से मुलाकात करते हुए सचिव ने बताया कि कोई भी बंदी कभी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है इसके लिये लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्तागण समय-समय पर जेल विजिट करते हैं व इसके लिए लीगल एड क्लिनिक पर पीएलवी एवं फार्म उपलब्ध है।
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