📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
महाराष्ट्र CEO ने कहा 2.07 करोड़ मतदाता स्थायी रूप से बाहर नहीं
✍️ The Indian Express
🗓 31 अग. 2026, 02:03 PM
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राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि 2.07 करोड़ मतदाताओं को सूची से हटाया गया है, लेकिन उन्हें स्थायी रूप से बाहर नहीं माना जाना चाहिए।
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने शनिवार को स्पष्ट किया कि हालिया स्पेशल इन्क्रिमेंटल रजिस्टर (SIR) प्रक्रिया के दौरान 2.07 करोड़ मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाया गया था, लेकिन उन्हें स्थायी रूप से बहिष्कृत नहीं माना जाना चाहिए। अधिकारी ने कहा कि यह हटाना केवल प्रक्रियात्मक था और आवश्यक सत्यापन पूरा होने पर प्रभावित मतदाता पुनः सूची में शामिल किए जा सकते हैं।
इस बयान के पीछे यह चिंता थी कि बड़ी संख्या में हटाए गए मतदाताओं को स्थायी रूप से मतदान अधिकार से वंचित माना जा रहा है। CEO ने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और जनता से आग्रह किया कि वे जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालें और निर्वाचन आयोग की चल रही सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग दें।
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन में पहचान दस्तावेज़ और निवास प्रमाण की जाँच शामिल होगी, और इसके बाद योग्य मतदाताओं को अगली चुनाव से पहले सूची में पुनः शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि उचित प्रक्रिया के बिना किसी मतदाता को मतदान अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
सभी संबंधित पक्षों को निविदा आयोग के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पुनर्स्थापन प्रक्रिया पारदर्शी और कुशलता से पूरी हो सके।
इस बयान के पीछे यह चिंता थी कि बड़ी संख्या में हटाए गए मतदाताओं को स्थायी रूप से मतदान अधिकार से वंचित माना जा रहा है। CEO ने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और जनता से आग्रह किया कि वे जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालें और निर्वाचन आयोग की चल रही सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग दें।
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन में पहचान दस्तावेज़ और निवास प्रमाण की जाँच शामिल होगी, और इसके बाद योग्य मतदाताओं को अगली चुनाव से पहले सूची में पुनः शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि उचित प्रक्रिया के बिना किसी मतदाता को मतदान अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
सभी संबंधित पक्षों को निविदा आयोग के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पुनर्स्थापन प्रक्रिया पारदर्शी और कुशलता से पूरी हो सके।