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15 Oct 2026•
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महिला किसान बनेंगी आत्मनिर्भर उद्यमी:

महिला किसान बनेंगी आत्मनिर्भर उद्यमी:

✍️ Reporter: Aazad Singh 🗓 15 Oct 2026, 05:58 PM 👁 13
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महिला किसान बनेंगी आत्मनिर्भर उद्यमी: कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती में महिला किसान दिवस पर महिलाओं को मिला कृषि एवं उद्यमिता का संदेश

बस्ती, 15 अक्टूबर 2026। “सशक्त महिला किसान, समृद्ध परिवार और आत्मनिर्भर गाँव की आधारशिला है।” इसी संदेश के साथ कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती में कृषि विभाग, बस्ती द्वारा महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद की 147 महिला किसानों ने प्रतिभाग किया। महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों, पोषण सुरक्षा, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा स्वरोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से ‘गृहिणी से उद्यमी’ बनने तथा स्थानीय संसाधनों को आय के अवसरों में बदलने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. रोली सिंह, प्रदेश मंत्री, महिला मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश ने महिला किसान दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महिलाओं को घर की जिम्मेदारियों तक सीमित न रहकर प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को अपनी प्रतिभा एवं कौशल का विकास करने, कृषि आधारित व्यवसाय अपनाने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण विकास को भी नई दिशा मिल सकती है। भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री शिव प्रसाद चौधरी ने महिला किसानों को कृषि एवं स्वरोजगार गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एस.के. तोमर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं उचित मार्गदर्शन के माध्यम से महिलाएँ कृषि उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने तथा कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने महिला किसानों से कृषि में नवीन तकनीकों को अपनाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। संयुक्त कृषि निदेशक, बस्ती मंडल श्री रामवचन राम ने उन्नत कृषि तकनीकों, एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन एवं कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। उप कृषि निदेशक श्री अशोक कुमार ने कृषि लागत में कमी, मूल्य संवर्धन, विपणन तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उद्यम स्थापना पर जोर दिया।
केंद्र के वैज्ञानिक, डॉ. वी.बी. सिंह ने उन्नत बीजों के चयन, वैज्ञानिक फसल उत्पादन तकनीकों तथा कृषि संसाधनों के उचित उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने महिला किसानों को नवीन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वैज्ञानिक डॉ. प्रेम शंकर (पादप सुरक्षा) ने फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान, उनके नियंत्रण तथा एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित कीटनाशक उपयोग और जैविक नियंत्रण विधियों को अपनाने पर जोर दिया। श्री आर.बी. सिंह, वैज्ञानिक ने कृषि एवं ग्रामीण विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आजीविका सुदृढ़ करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. अंजलि वर्मा, वैज्ञानिक ने महिला उद्यमिता, पोषण सुरक्षा एवं कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने मोटे अनाज, मशरूम एवं स्थानीय खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण से स्वरोजगार शुरू करने तथा गुणवत्ता, पैकेजिंग, खाद्य सुरक्षा एवं डिजिटल विपणन पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़ने तथा पोषण वाटिका अपनाकर परिवार की पोषण सुरक्षा और घरेलू बचत बढ़ाने पर बल दिया। श्री हरिओम मिश्रा, वैज्ञानिक ने कृषि आधारित स्वरोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, कृषि उत्पादों के उचित प्रबंधन तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पाँच महिला किसानों को सम्मानित किया गया। इन महिला किसानों ने कृषि, कृषि आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। सम्मानित महिला किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए अन्य महिलाओं को भी उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, स्वरोजगार शुरू करने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. वी.बी. सिंह ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने तथा कृषि आधारित उद्यमों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख संदेश रहा—‘सशक्त महिला किसान, सफल महिला उद्यमी और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत।’
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