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25 अक्टू. 2026•
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केरल सरकार ने दो निगरानी विभागों को आरटीआई से बाहर रखा, मंत्री ने किया बचाव
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
राजनीति

केरल सरकार ने दो निगरानी विभागों को आरटीआई से बाहर रखा, मंत्री ने किया बचाव

✍️ India Today 🗓 25 अक्टू. 2026, 06:04 PM 👁 15
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केरल सरकार ने दो निगरानी विभागों को आरटीआई के दायरे से बाहर किया, जिससे आलोचना हुई, जबकि राज्य के निगरानी मंत्री ने इसे जांच की प्रभावशीलता के लिए आवश्यक बताया।

केरल सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी कर दो निगरानी विभागों को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के दायरे से बाहर कर दिया है। इस कदम से इन विभागों से संबंधित जानकारी के अनुरोध अब पारदर्शिता कानून के तहत नहीं किए जा सकेंगे।

यह निर्णय राज्य विधानसभा और नागरिक समाज संगठनों में तीव्र बहस को जन्म दे रहा है। विरोधी दलों का कहना है कि किसी भी सरकारी इकाई को आरटीआई से बाहर करना पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है और सार्वजनिक जवाबदेही को कमजोर करता है। उन्होंने इस कदम को उलटने की मांग की है।

निगरानी मंत्री पी. राजीव ने इस नीति का बचाव करते हुए कहा कि यह छूट चल रहे जांचों की अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक है, जिससे संवेदनशील जानकारी का लीक होना रोका जा सके। उन्होंने बताया कि यह उपाय केवल उन विशेष कार्यों तक सीमित है जिनमें गोपनीयता आवश्यक है और यह अस्थायी है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकारें कुछ अपवाद निर्धारित कर सकती हैं, पर उन्हें सुप्रीम कोर्ट की आरटीआई व्याख्या के अनुरूप होना चाहिए। इस विवाद के चलते केरल उच्च न्यायालय में याचिकाएँ दायर हो सकती हैं, जो पारदर्शिता और जांच की गोपनीयता के बीच संतुलन की परीक्षा लेगी।
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