Crime
कपास की आड़ में 'काले कारोबार' का पर्दाफाश: खरगोन में ₹80 लाख का गांजा जब्त, पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक
भीकनगांव एसडीओपी के नेतृत्व में बिना मोबाइल नेटवर्क वाले सुदूर आदिवासी अंचलों में चार थानों की पुलिस ने दी दबिश, खेतों से उखाड़े गए 1000 से अधिक प्रतिबंधित पौधे।
खरगोन।
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस और भीकनगांव एसडीओपी (SDOP) के संयुक्त थानों की टीमों ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सुदूर पहाड़ी इलाकों में दबिश देकर खेतों में कपास की फसल के बीच अवैध रूप से उगाई गई गांजे की विशाल खेती का भंडाफोड़ किया है। दो अलग-अलग सफल ऑपरेशनों में पुलिस ने 1,018 से अधिक गांजे के हरे-भरे पौधे जब्त किए हैं, जिनका कुल वजन 561 किलोग्राम से अधिक आंका गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस काले माल की कीमत लगभग ₹78.93 लाख (करीब 80 लाख रुपये) बताई जा रही है।
नेटवर्क विहीन दुर्गम क्षेत्र में पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक'
भीकनगांव एसडीओपी केतन अदलाक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि चैनपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाली हेलापड़ावा पुलिस चौकी के दुर्गम गांवों—हरनकुंडिया और हरनमाल में बड़े पैमाने पर कपास की आड़ में गांजे की खेती की जा रही है। यह क्षेत्र पूरी तरह से नेटवर्क विहीन और पहुंच से बाहर था, जहां मोबाइल सिग्नल तक काम नहीं करते।
चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति को देखते हुए चार अलग-अलग थानों की पुलिस और पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल की एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने बिना देर किए तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।
कपास के खेतों में छिपे थे 5 क्विंटल से अधिक के पौधे
छापेमारी के दौरान जब पुलिस टीमें खेतों में दाखिल हुईं, तो वहां का नजारा देखकर चौंक गईं। किसानों ने चालाकी से सामान्य फसलों और कपास के पौधों के बीच 5 से 8 फीट ऊंचे गांजे के पौधे उगा रखे थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हरनकुंडिया से 930 पौधे (वजन 459.6 किलोग्राम) उखाड़कर जब्त किए।
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश जारी
इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरनकुंडिया निवासी मोहन वास्कले और सादु सोलंकी को मौके से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हरनमाल का एक अन्य आरोपी सुजान चौहान फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
क्षेत्र में हड़कंप, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
इस बड़ी जब्ती के बाद से ही क्षेत्र के अवैध नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार यह साफ कर दिया गया है कि नशे के खिलाफ जिला पुलिस का यह अभियान आगे भी इसी तरह आक्रामक रूप से जारी रहेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपे हर छोटे-बड़े नशा तस्कर को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस और भीकनगांव एसडीओपी (SDOP) के संयुक्त थानों की टीमों ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सुदूर पहाड़ी इलाकों में दबिश देकर खेतों में कपास की फसल के बीच अवैध रूप से उगाई गई गांजे की विशाल खेती का भंडाफोड़ किया है। दो अलग-अलग सफल ऑपरेशनों में पुलिस ने 1,018 से अधिक गांजे के हरे-भरे पौधे जब्त किए हैं, जिनका कुल वजन 561 किलोग्राम से अधिक आंका गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस काले माल की कीमत लगभग ₹78.93 लाख (करीब 80 लाख रुपये) बताई जा रही है।
नेटवर्क विहीन दुर्गम क्षेत्र में पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक'
भीकनगांव एसडीओपी केतन अदलाक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि चैनपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाली हेलापड़ावा पुलिस चौकी के दुर्गम गांवों—हरनकुंडिया और हरनमाल में बड़े पैमाने पर कपास की आड़ में गांजे की खेती की जा रही है। यह क्षेत्र पूरी तरह से नेटवर्क विहीन और पहुंच से बाहर था, जहां मोबाइल सिग्नल तक काम नहीं करते।
चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति को देखते हुए चार अलग-अलग थानों की पुलिस और पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल की एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने बिना देर किए तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।
कपास के खेतों में छिपे थे 5 क्विंटल से अधिक के पौधे
छापेमारी के दौरान जब पुलिस टीमें खेतों में दाखिल हुईं, तो वहां का नजारा देखकर चौंक गईं। किसानों ने चालाकी से सामान्य फसलों और कपास के पौधों के बीच 5 से 8 फीट ऊंचे गांजे के पौधे उगा रखे थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हरनकुंडिया से 930 पौधे (वजन 459.6 किलोग्राम) उखाड़कर जब्त किए।
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश जारी
इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरनकुंडिया निवासी मोहन वास्कले और सादु सोलंकी को मौके से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हरनमाल का एक अन्य आरोपी सुजान चौहान फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
क्षेत्र में हड़कंप, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
इस बड़ी जब्ती के बाद से ही क्षेत्र के अवैध नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार यह साफ कर दिया गया है कि नशे के खिलाफ जिला पुलिस का यह अभियान आगे भी इसी तरह आक्रामक रूप से जारी रहेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपे हर छोटे-बड़े नशा तस्कर को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।