Agriculture
कांकेर के गढ़पिछवाड़ी में सागो बाई तेता ने दो फसलें और विविध उद्यमों से लखपति दीदी की पहचान बनाई
गांव गढ़पिछवाड़ी की सागो बाई तेता ने गायत्री स्व-सहायता समूह और बीहान योजना के सहयोग से दो फसलें और कई उद्यम चलाकर 'लखपति दीदी' की उपाधि प्राप्त की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सागो बाई तेता को बधाई पत्र लिखा, उनकी प्रेरक कहानी को सराहा।
गढ़पिछवाड़ी में वह गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़ी, बीहान योजना से सहायता पाकर खेत में बोरवेल लगवाया और अब साल में दो फसलें ले रही हैं।
वह मशरूम उत्पादन, छेना, जैविक खाद, तकिया निर्माण, सब्जी उत्पादन, ईंट निर्माण और कपड़ा विक्रय जैसे विविध उद्यमों से आय अर्जित कर क्षेत्र में "लखपति दीदी" के रूप में पहचान बना रही हैं।
उनकी सफलता आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है, जिसे स्थानीय प्रशासन ने प्रोत्साहित करने की बात कही।
गढ़पिछवाड़ी में वह गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़ी, बीहान योजना से सहायता पाकर खेत में बोरवेल लगवाया और अब साल में दो फसलें ले रही हैं।
वह मशरूम उत्पादन, छेना, जैविक खाद, तकिया निर्माण, सब्जी उत्पादन, ईंट निर्माण और कपड़ा विक्रय जैसे विविध उद्यमों से आय अर्जित कर क्षेत्र में "लखपति दीदी" के रूप में पहचान बना रही हैं।
उनकी सफलता आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है, जिसे स्थानीय प्रशासन ने प्रोत्साहित करने की बात कही।