📷 चित्र स्रोत: Indian Express (via NewsData)
विज्ञान
आईएसआरओ प्रमुख ने कहा: निजीकरण नहीं, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना आवश्यक
✍️ Indian Express
🗓 08 सित. 2026, 09:36 AM
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आईएसआरओ के चेयरमैन एस. सोमनाथ ने कर्मचारियों को बताया कि संस्थान का निजीकरण नहीं होगा, परन्तु भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की आवश्यकता है।
आईएसआरओ के चेयरमैन एस. सोमनाथ ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने निजीकरण के किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए यह सार्वजनिक‑सेक्टर ढांचा आवश्यक है।
सोमनाथ ने यह भी बताया कि संस्थान स्वयं सरकारी रहेगा, परन्तु पूरे अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित होना चाहिए। उन्होंने निजी कंपनियों को उपग्रह निर्माण, लॉन्च सेवाओं और डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों में अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया, जबकि आईएसआरओ के मूल मिशनों को सुरक्षित रखा जाए।
मुख्य ने भारतीय अंतरिक्ष स्टार्ट‑अप्स के साथ सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, नीति समर्थन और बुनियादी ढाँचे की साझेदारी से नवाचार को तेज़ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक सुदृढ़ अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था न केवल राजस्व उत्पन्न करेगी, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित करके भारत को वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर प्रमुख बनाये रखेगी।
सोमनाथ ने यह भी बताया कि संस्थान स्वयं सरकारी रहेगा, परन्तु पूरे अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित होना चाहिए। उन्होंने निजी कंपनियों को उपग्रह निर्माण, लॉन्च सेवाओं और डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों में अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया, जबकि आईएसआरओ के मूल मिशनों को सुरक्षित रखा जाए।
मुख्य ने भारतीय अंतरिक्ष स्टार्ट‑अप्स के साथ सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, नीति समर्थन और बुनियादी ढाँचे की साझेदारी से नवाचार को तेज़ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक सुदृढ़ अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था न केवल राजस्व उत्पन्न करेगी, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित करके भारत को वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर प्रमुख बनाये रखेगी।