📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
कृषि
भारत में शुगर उत्पादन 12.85 लाख टन, 184 मिलों ने शुरू किया काम
✍️ The Economic Times
🗓 06 नव. 2026, 06:02 PM
👁 25
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन ने बताया कि कुल शुगर उत्पादन 12.85 लाख टन तक बढ़ा है और 184 मिलें फिर से काम कर रही हैं।
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने बताया कि इस सीजन में भारत का शुगर उत्पादन 12.85 लाख टन तक बढ़ गया है। यह वृद्धि मौसम‑संबंधी बाधाओं और आपूर्ति‑श्रृंखला की कठिनाइयों के बाद धीरे‑धीरे सुधार को दर्शाती है।
ISMA के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 184 शुगर मिलें फिर से काम कर रही हैं, जिससे कुल उत्पादन में इज़ाफ़ा हुआ है। इन मिलों के पुनः संचालन से प्रसंस्करण क्षमता में सुधार और कच्चा गन्ना की आपूर्ति में स्थिरता आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन में यह उछाल घरेलू शुगर कीमतों पर दबाव को कम कर सकता है, जो पिछले महीनों में अस्थिर रही थीं। अधिक स्टॉक उपलब्ध होने से खुदरा दरों में स्थिरता आ सकती है और निर्यात मात्रा में भी संभावित बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे किसान और मिल मालिक दोनों को लाभ होगा।
यह वृद्धि सरकार के कृषि‑उद्योग को सुदृढ़ करने और खाद्य‑सुरक्षा सुनिश्चित करने के लक्ष्य के अनुरूप है। आगामी महीनों में मानसून की स्थिति और गन्ने की खरीदारी की निगरानी से यह तय होगा कि इस सुधार को स्थायी बनाया जा सकेगा या नहीं।
ISMA के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 184 शुगर मिलें फिर से काम कर रही हैं, जिससे कुल उत्पादन में इज़ाफ़ा हुआ है। इन मिलों के पुनः संचालन से प्रसंस्करण क्षमता में सुधार और कच्चा गन्ना की आपूर्ति में स्थिरता आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन में यह उछाल घरेलू शुगर कीमतों पर दबाव को कम कर सकता है, जो पिछले महीनों में अस्थिर रही थीं। अधिक स्टॉक उपलब्ध होने से खुदरा दरों में स्थिरता आ सकती है और निर्यात मात्रा में भी संभावित बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे किसान और मिल मालिक दोनों को लाभ होगा।
यह वृद्धि सरकार के कृषि‑उद्योग को सुदृढ़ करने और खाद्य‑सुरक्षा सुनिश्चित करने के लक्ष्य के अनुरूप है। आगामी महीनों में मानसून की स्थिति और गन्ने की खरीदारी की निगरानी से यह तय होगा कि इस सुधार को स्थायी बनाया जा सकेगा या नहीं।