📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ember Energy
बिज़नेस
भारत बड़े जलविद्युत परियोजनाओं से सौर ऊर्जा की ओर रुख कर रहा है
✍️ The Week
🗓 01 नव. 2026, 12:32 PM
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विश्लेषकों के अनुसार, भारत बड़े जलविद्युत डैमों की बजाय सौर ऊर्जा के विकास को प्राथमिकता दे रहा है।
भारत की ऊर्जा नीति में बड़े जलविद्युत डैमों के निर्माण से हटकर सौर ऊर्जा परियोजनाओं को तेज़ी से बढ़ावा देने की स्पष्ट दिशा दिख रही है। नीति निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों के बीच हालिया चर्चाओं में इस बदलाव को देश की नवीकरणीय ऊर्जा योजना का प्रमुख रुझान बताया गया है।
इस परिवर्तन के पीछे तेज़ कार्यान्वयन, कम पूंजी लागत और बड़े डैमों से जुड़ी पर्यावरणीय व सामाजिक चुनौतियों से बचने की इच्छा को प्रमुख कारण माना जा रहा है। सौर परियोजनाएँ कम समय में स्थापित की जा सकती हैं और कम जनसंख्या विस्थापन का कारण बनती हैं, जिससे वे आकर्षक विकल्प बनती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा पर जोर भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और जलवायु लक्ष्य हासिल करने के संकल्प के साथ मेल खाता है। सौर को प्राथमिकता देकर देश अपनी विद्युत मिश्रण को विविध बनाते हुए अपने प्रचुर सूर्यप्रकाश का लाभ उठाने का लक्ष्य रखता है।
आगे देखते हुए, सरकार सौर विकास को नीति प्रोत्साहन और ग्रिड एकीकरण उपायों के माध्यम से समर्थन देती रहेगी, जिससे बड़े जलविद्युत की तुलना में इस प्रौद्योगिकी को दीर्घकालिक प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
इस परिवर्तन के पीछे तेज़ कार्यान्वयन, कम पूंजी लागत और बड़े डैमों से जुड़ी पर्यावरणीय व सामाजिक चुनौतियों से बचने की इच्छा को प्रमुख कारण माना जा रहा है। सौर परियोजनाएँ कम समय में स्थापित की जा सकती हैं और कम जनसंख्या विस्थापन का कारण बनती हैं, जिससे वे आकर्षक विकल्प बनती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा पर जोर भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और जलवायु लक्ष्य हासिल करने के संकल्प के साथ मेल खाता है। सौर को प्राथमिकता देकर देश अपनी विद्युत मिश्रण को विविध बनाते हुए अपने प्रचुर सूर्यप्रकाश का लाभ उठाने का लक्ष्य रखता है।
आगे देखते हुए, सरकार सौर विकास को नीति प्रोत्साहन और ग्रिड एकीकरण उपायों के माध्यम से समर्थन देती रहेगी, जिससे बड़े जलविद्युत की तुलना में इस प्रौद्योगिकी को दीर्घकालिक प्राथमिकता मिलने की संभावना है।