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हजारीबाग‑बगोदर के राष्ट्रीय उच्च पथ पर पेड़ हटाने के अनुमति पत्र में वन विभाग की लापरवाही
राष्ट्रीय उच्च पथ (NH 522) के हजारीबाग‑बगोदर खंड में खतरनाक पेड़ों को हटाने के लिए कार्यपालक अभियंता का अनुमति पत्र दो महीने से वन विभाग के DFO के पास लटके हुए है, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय उच्च पथ (NH 522) के हजारीबाग से बगोदर तक के खंड में सभी सूखे और संभावित खतरनाक पेड़ों को हटाने के लिये कार्यपालक अभियंता ने अनुमति पत्र जारी किया था। यह पत्र वन विभाग के पूर्वी DFO, विकास कुमार उज्जवल के पास दो महीने से लंबित है।
DFO महोदय ने पूछताछ पर कहा कि वे अनुमति देने में सक्षम नहीं हैं, जबकि अभियंता ने स्पष्ट रूप से यह पत्र जारी किया था। इस विरोधाभास से यह प्रश्न उठता है कि अनुमति देने का अधिकार किस अधिकारी के पास है और जब अधिकार नहीं है तो पत्र को सक्षम अधिकारी तक क्यों नहीं भेजा गया।
वर्तमान में पत्र लटकाने के पीछे का उद्देश्य अस्पष्ट है और यह संकेत देता है कि प्रक्रिया में टाल‑मटोल हो रहा है। इस देरी के कारण राष्ट्रीय उच्च पथ पर सुरक्षित यात्रा को खतरा उत्पन्न हो रहा है, क्योंकि खतरा संभावित पेड़ अभी भी सड़क के किनारे मौजूद हैं।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि आवश्यक पेड़ हटाने का कार्य तुरंत शुरू हो सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
DFO महोदय ने पूछताछ पर कहा कि वे अनुमति देने में सक्षम नहीं हैं, जबकि अभियंता ने स्पष्ट रूप से यह पत्र जारी किया था। इस विरोधाभास से यह प्रश्न उठता है कि अनुमति देने का अधिकार किस अधिकारी के पास है और जब अधिकार नहीं है तो पत्र को सक्षम अधिकारी तक क्यों नहीं भेजा गया।
वर्तमान में पत्र लटकाने के पीछे का उद्देश्य अस्पष्ट है और यह संकेत देता है कि प्रक्रिया में टाल‑मटोल हो रहा है। इस देरी के कारण राष्ट्रीय उच्च पथ पर सुरक्षित यात्रा को खतरा उत्पन्न हो रहा है, क्योंकि खतरा संभावित पेड़ अभी भी सड़क के किनारे मौजूद हैं।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि आवश्यक पेड़ हटाने का कार्य तुरंत शुरू हो सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।