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30 सित. 2026•
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जनरेशन Z मतदाता: भारतीय राजनीतिक दलों से मुख्य अपेक्षाएँ
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wilfredor
राजनीति

जनरेशन Z मतदाता: भारतीय राजनीतिक दलों से मुख्य अपेक्षाएँ

✍️ India Today 🗓 30 सित. 2026, 07:46 PM 👁 16
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इंडिया टुडे के एक विश्लेषण में जनरेशन‑Z मतदाताओं की प्राथमिकताओं और राजनीतिक दलों से उनकी अपेक्षाओं को बताया गया है।

भारत के सबसे युवा मतदाता वर्ग, यानी 1996 के बाद जन्मे जनरेशन‑Z, अब कई राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। उनकी बढ़ती संख्या ने राजनीतिक दलों को इस डिजिटल‑साक्षर समूह की प्राथमिकताओं को समझने के लिए प्रेरित किया है।

इंडिया टुडे के सर्वेक्षण के अनुसार, इन मतदाताओं के मुख्य मुद्दों में स्थिर रोजगार, किफायती उच्च शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शी डिजिटल शासन शामिल हैं। वे जवाबदेही, कल्याण योजनाओं का त्वरित कार्यान्वयन और सामाजिक प्रगतिशीलता को प्रतिबिंबित करने वाली राजनीति की भी मांग करते हैं।

पार्टीयों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने प्रचार‑प्रसार में सोशल मीडिया और डेटा‑आधारित रणनीतियों को अपनाएँ, साथ ही रोजगार और स्थिरता पर ठोस नीति‑रूपरेखा प्रस्तुत करें। विश्लेषकों का मानना है कि इन अपेक्षाओं को पूरा न करने वाले दल मतदाताओं का भरोसा खो सकते हैं।

चुनाव कैलेंडर के निकट आने के साथ, यह स्पष्ट हो रहा है कि किसी भी पार्टी की सफलता अब जनरेशन‑Z की आशाओं को व्यावहारिक वादों और स्पष्ट शासन सुधारों में बदलने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
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