गोरता में पीडीएस राशन वितरण को लेकर गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने लगाया फिंगरप्रिंट लेकर चावल नहीं देने का आरोप, तहसीलदार से की जांच और कार्रवाई की मांग!
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत गोरता से सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस दुकान को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां महामाया समूह के अध्यक्ष पर ग्रामीणों ने पिछले दो से तीन महीनों से फिंगरप्रिंट लगवाने के बावजूद चावल नहीं देने का आरोप लगाया है।
मामले को लेकर गांव में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर लखनपुर तहसीलदार को लिखित आवेदन सौंपा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
वीओ – 1:
ग्रामीणों का आरोप है कि पीडीएस दुकान में राशन वितरण के दौरान हितग्राहियों से मशीन में फिंगरप्रिंट तो लगवाया जाता है, लेकिन कई ग्रामीणों को पिछले दो से तीन महीनों से उनके हिस्से का चावल नहीं दिया गया है।
यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और गरीब हितग्राहियों के खाद्यान्न अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है।
वीओ – 2:
इसी शिकायत को लेकर ग्राम पंचायत गोरता के सरपंच एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में लखनपुर तहसील कार्यालय पहुंचे। जहां तहसीलदार को लिखित ज्ञापन सौंपकर पीडीएस दुकान के संचालन और राशन वितरण की जांच कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि खाद्यान्न वितरण का रिकॉर्ड, ई-पॉस मशीन में दर्ज फिंगरप्रिंट और स्टॉक रजिस्टर की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को उनका पूरा राशन मिल सके।
एंकर – क्लोजिंग:
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए इस लिखित आवेदन पर लखनपुर तहसील प्रशासन क्या कार्रवाई करता है? क्या पीडीएस दुकान की निष्पक्ष जांच होगी? क्या फिंगरप्रिंट के बावजूद राशन नहीं मिलने के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी?
फिलहाल ग्रामीणों को प्रशासनिक जांच और उचित कार्रवाई का इंतजार है।
कैमरामैन के साथ, मुकेश कुमार, पंचायती न्यूज, लखनपुर, जिला सरगुजा।
मामले को लेकर गांव में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर लखनपुर तहसीलदार को लिखित आवेदन सौंपा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
वीओ – 1:
ग्रामीणों का आरोप है कि पीडीएस दुकान में राशन वितरण के दौरान हितग्राहियों से मशीन में फिंगरप्रिंट तो लगवाया जाता है, लेकिन कई ग्रामीणों को पिछले दो से तीन महीनों से उनके हिस्से का चावल नहीं दिया गया है।
यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और गरीब हितग्राहियों के खाद्यान्न अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है।
वीओ – 2:
इसी शिकायत को लेकर ग्राम पंचायत गोरता के सरपंच एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में लखनपुर तहसील कार्यालय पहुंचे। जहां तहसीलदार को लिखित ज्ञापन सौंपकर पीडीएस दुकान के संचालन और राशन वितरण की जांच कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि खाद्यान्न वितरण का रिकॉर्ड, ई-पॉस मशीन में दर्ज फिंगरप्रिंट और स्टॉक रजिस्टर की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को उनका पूरा राशन मिल सके।
एंकर – क्लोजिंग:
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए इस लिखित आवेदन पर लखनपुर तहसील प्रशासन क्या कार्रवाई करता है? क्या पीडीएस दुकान की निष्पक्ष जांच होगी? क्या फिंगरप्रिंट के बावजूद राशन नहीं मिलने के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी?
फिलहाल ग्रामीणों को प्रशासनिक जांच और उचित कार्रवाई का इंतजार है।
कैमरामैन के साथ, मुकेश कुमार, पंचायती न्यूज, लखनपुर, जिला सरगुजा।