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25 Oct 2026•
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ग्राम पंचायत बलबहरा में एडवांटा कंपनी के धान बीज का प्रचार कैंप, गुणवत्ता और चावल के स्वाद को लेकर उठे सवाल

✍️ Reporter: राजभान कुशवाहा 🗓 25 Oct 2026, 10:04 PM 👁 22
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ग्राम पंचायत बलबहरा में एडवांटा कंपनी के धान बीज का प्रचार कैंप, गुणवत्ता और चावल के स्वाद को लेकर उठे सवाल

किसानों को गुमराह करने का आरोप, धान की गुणवत्ता एवं चावल के स्वाद की निष्पक्ष जांच की मांग

जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत बलबहरा में एडवांटा कंपनी के धान बीज के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए कथित कैंप को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कंपनी से जुड़े प्रचारक एवं विक्रेता किसानों को धान की विशेषताओं के बारे में जानकारी देकर बीज खरीदने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन धान की वास्तविक गुणवत्ता और उससे तैयार चावल के स्वाद को लेकर किसानों की चिंताओं का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता।
चावल के स्वाद और गुणवत्ता पर सवाल

स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, एडवांटा कंपनी के प्रचारित धान से तैयार चावल के स्वाद को लेकर असंतोष व्यक्त किया जा रहा है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि चावल खाने में बेस्वाद लगता है तथा धान की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित धान की किस्म, उत्पादन, चावल की गुणवत्ता और किसानों के अनुभवों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।

क्या किसानों को दी जा रही है पूरी जानकारी?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब किसी निजी कंपनी द्वारा गांव में धान बीज का प्रचार कैंप लगाया जाता है, तो क्या किसानों को बीज की वास्तविक विशेषताओं, उपज क्षमता, चावल की गुणवत्ता, स्वाद तथा संभावित जोखिमों की पूरी जानकारी दी जाती है?

यदि किसानों को बढ़ा-चढ़ाकर दावे करके बीज खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, तो यह गंभीर जांच का विषय है।

कृषि विभाग से जांच की मांग

ग्राम पंचायत बलबहरा में आयोजित कथित कैंप को लेकर कृषि विभाग से मांग की जा रही है कि संबंधित कंपनी के बीजों की गुणवत्ता, प्रचार में किए गए दावों तथा किसानों को दी गई जानकारी की जांच की जाए।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि कैंप लगाने वाले प्रतिनिधि कौन थे और क्या उनके द्वारा किसानों को प्रमाणित एवं सही जानकारी उपलब्ध कराई गई थी।

बड़ा सवाल — किसानों के हितों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

किसान अपनी मेहनत और पूंजी लगाकर धान की खेती करते हैं। ऐसे में बीज कंपनियों और उनके विक्रेताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे किसानों को सही जानकारी दें। यदि किसी धान की किस्म की गुणवत्ता या चावल के स्वाद को लेकर शिकायत सामने आती है, तो कंपनी को उसका तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए।

अब देखना यह होगा कि कृषि विभाग ग्राम पंचायत बलबहरा में लगाए गए कैंप और धान बीज की गुणवत्ता से जुड़े आरोपों की जांच करता है या नहीं।### कैंप लगाकर किसानों को गुमराह करने का आरोप! एडवांटा कंपनी के प्रचार-प्रसार पर उठे गंभीर सवाल

विशेष रिपोर्ट | राजभान कुशवाहा | शहडोल, मध्य प्रदेश

शहडोल/बुढ़ार। जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत बलबहरा में एडवांटा कंपनी के धान बीज के प्रचार-प्रसार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कंपनी से जुड़े प्रचारक गांवों में कैंप आयोजित कर किसानों को अपने उत्पादों की ओर आकर्षित कर रहे हैं, जबकि धान की गुणवत्ता, चावल के स्वाद और किसानों को होने वाले वास्तविक लाभ को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

हजारों रुपये खर्च कर कैंप लगाने का उद्देश्य क्या?

ग्राम पंचायत बलबहरा में आयोजित कैंप को लेकर सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रचार-प्रसार और आयोजनों पर हजारों रुपये खर्च करने के बजाय किसानों को बीज की वास्तविक गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और चावल के स्वाद के बारे में स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जाती?

आरोप है कि कंपनी से जुड़े कुछ प्रचारक किसानों को आकर्षक दावों के माध्यम से प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित कंपनी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
धान की गुणवत्ता और चावल के स्वाद पर उठे सवाल

एडवांटा कंपनी के धान को लेकर यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि बीज से उत्पादित चावल किसानों और उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता, तो प्रचार के दौरान इसकी वास्तविक गुणवत्ता की जानकारी क्यों नहीं दी जाती?

किसानों के हित में आवश्यक है कि किसी भी कंपनी के बीज की उत्पादकता, गुणवत्ता, स्वाद और स्थानीय जलवायु में प्रदर्शन की निष्पक्ष जांच हो।

किसानों को गुमराह करने के आरोपों की जांच की मांग

किसानों को बीज खरीदने से पहले सही और प्रमाणित जानकारी मिलना जरूरी है। यदि किसी कंपनी के प्रतिनिधि भ्रामक दावे कर रहे हैं, तो कृषि विभाग को ऐसे मामलों की जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महंगे प्रचार और कैंपों के माध्यम से किसानों का विश्वास जीता जा रहा है, या वास्तव में उन्हें गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जा रहा है

इस पूरे मामले में कृषि विभाग से अपेक्षा है कि ग्राम पंचायत बलबहरा में आयोजित कैंप, प्रचार के दौरान किए गए दावों और संबंधित धान की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर किसानों के सामने वास्तविक तथ्य प्रस्तुत किए जाएं

संपादकीय नोट: समाचार में लगाए गए आरोप जांच के विषय हैं। एडवांटा कंपनी और संबंधित प्रतिनिधियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।
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