Health
एम्स भोपाल में जबड़े के कैंसर के इलाज के लिए डिजिटल प्लानिंग पर आयोजित पहली कार्यशाला, 100 से अधिक चिकित्सकों ने लिया हिस्सा
एम्स भोपाल में वर्चुअल सर्जिकल प्लानिंग पर पहली सीएमई एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने भाग लिया और 100 से अधिक चिकित्सकों ने डिजिटल सर्जरी के नए तरीकों का अभ्यास किया।
भोपाल के एम्स (एम्स भोपाल) में जबड़े के कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए डिजिटल प्लानिंग पर पहली सीएमई एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण चिकित्सा कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें देश-विदेश के प्रमुख विशेषज्ञ शामिल थे।
इस कार्यशाला का आयोजन सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, दंत चिकित्सा, बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागों ने मिलकर किया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने जबड़े के पुनर्निर्माण (reconstruction) और डेंटल इम्प्लांट की डिजिटल प्लानिंग पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने जबड़े की सर्जरी की योजना बनाने, सर्जिकल गाइड तैयार करने और डेंटल इम्प्लांट प्लानिंग का व्यावहारिक अभ्यास किया। इसके अलावा, उन्होंने रोबोटिक सर्जरी सिमुलेशन का भी प्रशिक्षण लिया, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकों के उपयोग का अनुभव मिला।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में मुख कैंसर के मरीजों के इलाज में डिजिटल प्लानिंग नियमित रूप से अपनाई जाए, जिससे इलाज की सटीकता और प्रभावशीलता में सुधार होगा।
इस कार्यशाला का आयोजन सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, दंत चिकित्सा, बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागों ने मिलकर किया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने जबड़े के पुनर्निर्माण (reconstruction) और डेंटल इम्प्लांट की डिजिटल प्लानिंग पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने जबड़े की सर्जरी की योजना बनाने, सर्जिकल गाइड तैयार करने और डेंटल इम्प्लांट प्लानिंग का व्यावहारिक अभ्यास किया। इसके अलावा, उन्होंने रोबोटिक सर्जरी सिमुलेशन का भी प्रशिक्षण लिया, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकों के उपयोग का अनुभव मिला।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में मुख कैंसर के मरीजों के इलाज में डिजिटल प्लानिंग नियमित रूप से अपनाई जाए, जिससे इलाज की सटीकता और प्रभावशीलता में सुधार होगा।