Health
एम्स भोपाल के डॉ. अभिनव सिंह ने हल्द्वानी में पूरी की ब्रैकियल प्लेक्सस सर्जरी की विशेष फेलोशिप
एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव सिंह ने हाथ की नसों की जटिल चोटों के उपचार के लिए उत्तराखंड के हल्द्वानी में विशेष फेलोशिप पूरी की है।
एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव सिंह ने हाथ की नसों के जाल, जिसे ब्रैकियल प्लेक्सस कहा जाता है, की जटिल चोटों के उपचार के लिए सर्जरी की विशेष फेलोशिप पूरी कर ली है। यह प्रशिक्षण उन्हें हाथ की कार्यक्षमता बहाल करने के नवीनतम तरीकों में विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए किया गया था।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में स्थित केंद्र में विशेषज्ञ डॉ. पी.एस. भंडारी के मार्गदर्शन में, डॉ. सिंह ने फेलोशिप के दौरान ब्रैकियल प्लेक्सस की कई सर्जरी में भाग लिया। इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें जाँच, ऑपरेशन तथा नवीनतम सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे उनके क्लिनिकल कौशल में और निपुणता आई।
ब्रैकियल प्लेक्सस वे नसें हैं जो रीढ़ की हड्डी को कंधे, बाँह और हाथ से जोड़ती हैं। सड़क दुर्घटनाओं या अन्य गंभीर चोटों से इन नसों के क्षतिग्रस्त होने पर मरीजों को हाथ में कमजोरी का अनुभव हो सकता है या उसकी हरकत पूरी तरह बंद हो सकती है। इस स्थिति में सही समय पर सर्जिकल हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक होता है।
इस विशेष प्रशिक्षण से एम्स भोपाल में ब्रैकियल प्लेक्सस की चोटों से पीड़ित मरीजों के बेहतर उपचार में सहायता मिलेगी। डॉ. सिंह के इस अनुभव से हाथ की कार्यक्षमता बहाल करने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, जिससे मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
डॉ. अभिनव सिंह ने मरीजों को सलाह दी है कि दुर्घटना या चोट के बाद हाथ में कमजोरी अथवा उसकी हरकत में कमी होने पर तुरंत प्लास्टिक सर्जरी विभाग में परामर्श लें। उन्होंने बताया कि समय पर जाँच और उपचार से बेहतर परिणाम मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में स्थित केंद्र में विशेषज्ञ डॉ. पी.एस. भंडारी के मार्गदर्शन में, डॉ. सिंह ने फेलोशिप के दौरान ब्रैकियल प्लेक्सस की कई सर्जरी में भाग लिया। इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें जाँच, ऑपरेशन तथा नवीनतम सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे उनके क्लिनिकल कौशल में और निपुणता आई।
ब्रैकियल प्लेक्सस वे नसें हैं जो रीढ़ की हड्डी को कंधे, बाँह और हाथ से जोड़ती हैं। सड़क दुर्घटनाओं या अन्य गंभीर चोटों से इन नसों के क्षतिग्रस्त होने पर मरीजों को हाथ में कमजोरी का अनुभव हो सकता है या उसकी हरकत पूरी तरह बंद हो सकती है। इस स्थिति में सही समय पर सर्जिकल हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक होता है।
इस विशेष प्रशिक्षण से एम्स भोपाल में ब्रैकियल प्लेक्सस की चोटों से पीड़ित मरीजों के बेहतर उपचार में सहायता मिलेगी। डॉ. सिंह के इस अनुभव से हाथ की कार्यक्षमता बहाल करने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, जिससे मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
डॉ. अभिनव सिंह ने मरीजों को सलाह दी है कि दुर्घटना या चोट के बाद हाथ में कमजोरी अथवा उसकी हरकत में कमी होने पर तुरंत प्लास्टिक सर्जरी विभाग में परामर्श लें। उन्होंने बताया कि समय पर जाँच और उपचार से बेहतर परिणाम मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।