एमकेएम प्रथम में टेल तक पानी न पहुंचने से फूटा किसानों का गुस्सा, रामसिंह और लक्ष्य सिंह ने दी आंदोलन की चेतावनी
एमकेएम प्रथम में टेल तक पानी न पहुंचने से फूटा किसानों का गुस्सा, रामसिंह और लक्ष्य सिंह ने दी आंदोलन की चेतावनी
विशेष संवाददाता
क्षेत्रीय खबर: एमकेएम प्रथम (MKM 1st) नहर क्षेत्र में पानी की वरीयता शुरू हुए पांच दिन बीत जाने के बाद भी टेल पर सिंचाई तो दूर, पीने का पानी तक नहीं पहुंच पाया है। नहरों के सूखे पड़े होने से आक्रोशित स्थानीय किसान रामसिंह और लक्ष्य सिंह ने सिंचाई विभाग व प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पीड़ित किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
सूखने की कगार पर फसलें: किसान रामसिंह ने बताया कि सिंचाई का समय निकला जा रहा है। पांच दिनों से पानी का इंतजार करते-करते खेत में खड़ी फसलें पूरी तरह झुलसने लगी हैं। यदि अगले एक-दो दिन में पानी नहीं मिला, तो फसलों का नामोनिशान मिट जाएगा और किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा।
पीने के पानी का हाहाकार: किसान लक्ष्य सिंह ने कहा कि टेल क्षेत्र की नहरें पूरी तरह सूखी पड़ी हैं, जिससे पशुओं के पीने और ग्रामीणों के दैनिक उपयोग के लिए बूंद-बूंद पानी का अकाल पड़ गया है। नहरों में पानी न आने से गांव की डिग्गियां खाली हो चुकी हैं।
ऊपरी छोर पर जल की बर्बादी: किसानों का आरोप है कि हेड और मध्य भाग में हो रहे जल के अवैध दोहन और कुप्रबंधन के कारण पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है।
पीड़ित किसान रामसिंह और लक्ष्य सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द एमकेएम प्रथम के टेल क्षेत्र में पूरा पानी प्रवाहित नहीं किया गया, तो समस्त क्षेत्रवासी मिलकर सिंचाई विभाग के कार्यालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन और घेराव करेंगे।
क्या आप इस खबर में किसी अन्य स्थान, तिथि या विभागीय अधिकारी के जवाब से जुड़ी जानकारी जोड़ना चाहते हैं?
विशेष संवाददाता
क्षेत्रीय खबर: एमकेएम प्रथम (MKM 1st) नहर क्षेत्र में पानी की वरीयता शुरू हुए पांच दिन बीत जाने के बाद भी टेल पर सिंचाई तो दूर, पीने का पानी तक नहीं पहुंच पाया है। नहरों के सूखे पड़े होने से आक्रोशित स्थानीय किसान रामसिंह और लक्ष्य सिंह ने सिंचाई विभाग व प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पीड़ित किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
सूखने की कगार पर फसलें: किसान रामसिंह ने बताया कि सिंचाई का समय निकला जा रहा है। पांच दिनों से पानी का इंतजार करते-करते खेत में खड़ी फसलें पूरी तरह झुलसने लगी हैं। यदि अगले एक-दो दिन में पानी नहीं मिला, तो फसलों का नामोनिशान मिट जाएगा और किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा।
पीने के पानी का हाहाकार: किसान लक्ष्य सिंह ने कहा कि टेल क्षेत्र की नहरें पूरी तरह सूखी पड़ी हैं, जिससे पशुओं के पीने और ग्रामीणों के दैनिक उपयोग के लिए बूंद-बूंद पानी का अकाल पड़ गया है। नहरों में पानी न आने से गांव की डिग्गियां खाली हो चुकी हैं।
ऊपरी छोर पर जल की बर्बादी: किसानों का आरोप है कि हेड और मध्य भाग में हो रहे जल के अवैध दोहन और कुप्रबंधन के कारण पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है।
पीड़ित किसान रामसिंह और लक्ष्य सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द एमकेएम प्रथम के टेल क्षेत्र में पूरा पानी प्रवाहित नहीं किया गया, तो समस्त क्षेत्रवासी मिलकर सिंचाई विभाग के कार्यालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन और घेराव करेंगे।
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