📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Singh PreetManak
राजनीति
पंजाब की राजनीति में नशा बना रहा मुख्य मुद्दा, 2027 चुनावों में प्रमुख सवाल
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 04 सित. 2026, 09:17 AM
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लगभग दो दशकों से नशा पंजाब की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बना हुआ है, सरकारों के बदलने से नहीं घटा और 2027 के चुनावों में मुख्य सवाल रहेगा।
पंजाब की राजनीति में नशे की समस्या लगभग दो दशकों से प्रमुख मुद्दा बनकर चल रही है, जबकि राज्य सरकारें बार‑बार बदलती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा किसी भी पार्टी के लिए मतदाता भरोसा जीतने का कसौटी बन चुका है, और चुनावी प्रचार में नशा‑मुक्ति के वादे अक्सर सुनने को मिलते हैं।
नशे की समस्या की निरंतरता को हालिया विधानसभा बहसों में उजागर किया गया, जहाँ विधायक सख्त प्रवर्तन और पुनर्वास उपायों की मांग कर रहे हैं। लेकिन ठोस प्रगति अभी तक सीमित है, जिससे जनता में निराशा बढ़ी है और यह विषय राजनीतिक एजेंडा में बना हुआ है।
2027 के विधानसभा चुनावों के निकट आते ही, पार्टियां नशा‑सम्बंधी नीतियों पर अपना ध्यान और तेज़ करने की संभावना रखती हैं, क्योंकि मतदाता इस संकट को पंजाब के भविष्य के सबसे बड़े सवाल के रूप में देख रहे हैं।
नशे की समस्या की निरंतरता को हालिया विधानसभा बहसों में उजागर किया गया, जहाँ विधायक सख्त प्रवर्तन और पुनर्वास उपायों की मांग कर रहे हैं। लेकिन ठोस प्रगति अभी तक सीमित है, जिससे जनता में निराशा बढ़ी है और यह विषय राजनीतिक एजेंडा में बना हुआ है।
2027 के विधानसभा चुनावों के निकट आते ही, पार्टियां नशा‑सम्बंधी नीतियों पर अपना ध्यान और तेज़ करने की संभावना रखती हैं, क्योंकि मतदाता इस संकट को पंजाब के भविष्य के सबसे बड़े सवाल के रूप में देख रहे हैं।