📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Goutam1962
बिज़नेस
दिल्ली में दिवाली ने कारोबार 1 लाख करोड़ से पार, छोटे व्यापारियों को मिला लाभ
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 08 नव. 2026, 02:01 PM
👁 18
दिल्ली में दिवाली के दौरान कुल कारोबार 1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंचा, जिससे छोटे व्यापारियों और दैनिक मज़दूरों की आय में बढ़ोतरी हुई।
दिल्ली के बाजारों में दिवाली के अवसर पर व्यापार में तेज़ी आई, जिससे कुल कारोबार 1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया, जैसा कि अमर उजाला ने बताया। इस उत्सव के दौरान मिठाई, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर की सजावट जैसी वस्तुओं की खरीद में बढ़ोतरी हुई।
छोटे व्यापारियों ने भीड़ में वृद्धि और बड़े ऑर्डर की रिपोर्ट की, जिससे उनकी आय में वार्षिक लक्ष्य तक या उससे अधिक की कमाई हुई। सड़क विक्रेता और दैनिक मज़दूर, जो आमतौर पर त्योहारी मांग पर निर्भर होते हैं, ने भी परिवारों के बढ़ते खर्च के कारण आय में बढ़ोतरी देखी।
अर्थशास्त्री इस मौसमी खपत के उछाल को दिल्ली की अर्थव्यवस्था के लिए एक अल्पकालिक प्रोत्साहन मानते हैं, जो अन्य अवधि में धीमी वृद्धि को संतुलित करता है। इस आय वृद्धि से माइक्रो‑उद्यमों की नकदी प्रवाह में सुधार होगा और त्यौहार के बाद के हफ़्तों में घरों की खर्च क्षमता बढ़ेगी।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि दिल्ली में दिवाली न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि व्यापार को गति देने वाला प्रमुख कारक भी है, जो आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करता है।
छोटे व्यापारियों ने भीड़ में वृद्धि और बड़े ऑर्डर की रिपोर्ट की, जिससे उनकी आय में वार्षिक लक्ष्य तक या उससे अधिक की कमाई हुई। सड़क विक्रेता और दैनिक मज़दूर, जो आमतौर पर त्योहारी मांग पर निर्भर होते हैं, ने भी परिवारों के बढ़ते खर्च के कारण आय में बढ़ोतरी देखी।
अर्थशास्त्री इस मौसमी खपत के उछाल को दिल्ली की अर्थव्यवस्था के लिए एक अल्पकालिक प्रोत्साहन मानते हैं, जो अन्य अवधि में धीमी वृद्धि को संतुलित करता है। इस आय वृद्धि से माइक्रो‑उद्यमों की नकदी प्रवाह में सुधार होगा और त्यौहार के बाद के हफ़्तों में घरों की खर्च क्षमता बढ़ेगी।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि दिल्ली में दिवाली न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि व्यापार को गति देने वाला प्रमुख कारक भी है, जो आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करता है।