📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PP Yoonus
मौसम
सायक्लोन अरनब ने रशिकुल्या बांध तोड़ा, ओडिशा के गंजाम में बाढ़
✍️ Kanak News Odisha
🗓 31 अक्टू. 2026, 03:48 AM
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सायक्लोन अरनब ने रशिकुल्या नदी के बांध को तोड़ दिया, जिससे ओडिशा के गंजाम जिले में व्यापक बाढ़ आई।
शक्तिशाली सायक्लोन अरनब ने भारत के पूर्वी तट पर ओडिशा के गंजाम जिले को भारी बारिश और तेज़ हवाओं से प्रभावित किया। तूफ़ान की लहर ने रशिकुल्या नदी के बांध को पार कर दिया, जिससे वह टूट गया और आसपास के निचले इलाकों में जलभराव हुआ।
बांध के टूटने से कई गाँवों में पानी भर गया, जिससे सड़क मार्ग बंद हो गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण कई परिवारों को ऊँचे स्थान पर शरण लेनी पड़ी, और स्थानीय प्राधिकरणों ने अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए।
ओडिशा आपदा प्रबंधन विभाग ने आपदा त्वरित कार्रवाई बल और भारतीय सेना सहित बचाव दलों को तैनात कर प्रभावित परिवारों को निकालने और आवश्यक सामग्री वितरित करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि तूफ़ान के अवशेष अतिरिक्त बारिश लाते हैं तो स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
बांध के टूटने से क्षेत्र के अन्य नदी बांधों की स्थिरता पर भी सवाल उठे हैं, इसलिए जल संसाधन विभाग ने तुरंत निरीक्षण शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि भविष्य में समान विफलताओं से बचने के लिए मजबूती कार्य आवश्यक होगा।
तूफ़ान के हटने के बाद राहत कार्य जारी है, जबकि जिला प्रशासन NGOs और सामुदायिक समूहों के साथ मिलकर बाढ़ से विस्थापित लोगों को भोजन, साफ़ पानी और चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहा है।
बांध के टूटने से कई गाँवों में पानी भर गया, जिससे सड़क मार्ग बंद हो गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण कई परिवारों को ऊँचे स्थान पर शरण लेनी पड़ी, और स्थानीय प्राधिकरणों ने अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए।
ओडिशा आपदा प्रबंधन विभाग ने आपदा त्वरित कार्रवाई बल और भारतीय सेना सहित बचाव दलों को तैनात कर प्रभावित परिवारों को निकालने और आवश्यक सामग्री वितरित करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि तूफ़ान के अवशेष अतिरिक्त बारिश लाते हैं तो स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
बांध के टूटने से क्षेत्र के अन्य नदी बांधों की स्थिरता पर भी सवाल उठे हैं, इसलिए जल संसाधन विभाग ने तुरंत निरीक्षण शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि भविष्य में समान विफलताओं से बचने के लिए मजबूती कार्य आवश्यक होगा।
तूफ़ान के हटने के बाद राहत कार्य जारी है, जबकि जिला प्रशासन NGOs और सामुदायिक समूहों के साथ मिलकर बाढ़ से विस्थापित लोगों को भोजन, साफ़ पानी और चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहा है।