📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ekta Parishad
जीवनशैली
छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने हाथ से बने दीवाली सजावट से परम्परागत कला को जीवित किया
✍️ Mid-Day
🗓 05 नव. 2026, 01:02 PM
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छत्तीसगढ़ की महिलाएं दीवाली 2026 के लिए हाथ से बनी सजावट बनाकर पारंपरिक कला को उजागर कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ के गांवों और शहरों में महिलाएं हाथ से दीवाली सजावट बना रही हैं, जिससे पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी को उजागर किया जा रहा है। मिड‑डे की रिपोर्ट के अनुसार, इन सजावटों में लैंप, पत्ते और रंगीन कागज़ जैसी वस्तुएँ शामिल हैं, जो औद्योगिक प्रक्रियाओं के बिना तैयार की गई हैं और राज्य की समृद्ध शिल्प परम्परा को दर्शाती हैं।
इन हस्तशिल्प सजावटों को 2026 की दीवाली के दौरान स्थानीय बाजारों और सामुदायिक केंद्रों में प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे खरीदारों को बड़े पैमाने पर निर्मित वस्तुओं के विकल्प मिल रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यह पहल पारम्परिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और कारीगरों को आय के नए स्रोत प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
संस्कृति विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जमीनी स्तर के प्रोजेक्ट्स राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले त्यौहार के दौरान क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करते हैं, और महिलाओं की भूमिका को शिल्प संरक्षण में सराहते हैं।
इन हस्तशिल्प सजावटों को 2026 की दीवाली के दौरान स्थानीय बाजारों और सामुदायिक केंद्रों में प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे खरीदारों को बड़े पैमाने पर निर्मित वस्तुओं के विकल्प मिल रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यह पहल पारम्परिक तकनीकों को पुनर्जीवित करने और कारीगरों को आय के नए स्रोत प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
संस्कृति विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जमीनी स्तर के प्रोजेक्ट्स राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले त्यौहार के दौरान क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करते हैं, और महिलाओं की भूमिका को शिल्प संरक्षण में सराहते हैं।