📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
छत्तीसगढ़ ने नया शोर नियंत्रण बिल तैयार किया, जनता से प्रतिक्रिया मांगी
✍️ The Times of India
🗓 30 सित. 2026, 07:32 PM
👁 14
छत्तीसगढ़ सरकार ने शोर नियंत्रण बिल का मसौदा तैयार कर जनता से राय मांगी है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने शोर नियंत्रण बिल का मसौदा तैयार किया है, जिसका उद्देश्य शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण को कम करना है। इस प्रस्ताव में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अनुमत शोर स्तर निर्धारित किए गए हैं तथा उल्लंघन पर दंड का प्रावधान है।
मुख्य प्रावधानों में दिन के समय आवासीय क्षेत्रों में अधिकतम 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल की सीमा, अस्पताल व स्कूल के निकट कड़ी सीमा, तथा निर्माण स्थलों पर ध्वनि‑रोधक उपायों का अनिवार्य उपयोग शामिल है। प्रवर्तन एजेंसियों को स्पॉट चेक करने और नोटिस जारी करने का अधिकार मिलेगा।
सरकार ने 30 दिनों की सार्वजनिक प्रतिक्रिया अवधि घोषित की है, जिसमें नागरिक, उद्योग समूह और NGOs को आधिकारिक पोर्टल या जिला कार्यालयों के माध्यम से लिखित टिप्पणी प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। सभी सुझावों की समीक्षा के बाद बिल को राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह मसौदा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दिशानिर्देशों के अनुरूप है और रायपुर, बिलासपुर जैसे घनी आबादी वाले जिलों में रहने वालों की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने की उम्मीद है।
मुख्य प्रावधानों में दिन के समय आवासीय क्षेत्रों में अधिकतम 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल की सीमा, अस्पताल व स्कूल के निकट कड़ी सीमा, तथा निर्माण स्थलों पर ध्वनि‑रोधक उपायों का अनिवार्य उपयोग शामिल है। प्रवर्तन एजेंसियों को स्पॉट चेक करने और नोटिस जारी करने का अधिकार मिलेगा।
सरकार ने 30 दिनों की सार्वजनिक प्रतिक्रिया अवधि घोषित की है, जिसमें नागरिक, उद्योग समूह और NGOs को आधिकारिक पोर्टल या जिला कार्यालयों के माध्यम से लिखित टिप्पणी प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। सभी सुझावों की समीक्षा के बाद बिल को राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह मसौदा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दिशानिर्देशों के अनुरूप है और रायपुर, बिलासपुर जैसे घनी आबादी वाले जिलों में रहने वालों की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने की उम्मीद है।