📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MOHAMMAD SHAJAHAN Bangladesh
राजनीति
अरुणाचल में मतदान सुनवाई से वंचित चाकमा समुदाय ने एनएचआरसी को दायर की याचिका
✍️ India Today NE
🗓 05 सित. 2026, 07:12 AM
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अरुणाचल प्रदेश में चाकमा समुदाय ने एनएचआरसी में याचिका दायर की है, क्योंकि उन्हें एसआईआर विवाद की सुनवाई में भाग लेने से रोका गया।
अरुणाचल प्रदेश के चाकमा समुदाय ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें एसआईआर विवाद से जुड़ी सुनवाई में भाग लेने से रोका गया। यह सुनवाई राज्य के जनजातीय रजिस्टर में चाकमा लोगों की स्थिति पर चर्चा करने के लिए निर्धारित थी, पर स्थानीय प्राधिकरणों ने कई मतदाताओं को प्रवेश से वंचित किया।
याचिका में बताया गया है कि इस कदम से समुदाय के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार और संविधान द्वारा सुनिश्चित समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ। चाकमा समूह का मानना है कि यह रोकथाम एसआईआर पर चर्चा के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से की गई थी, जहाँ उनकी अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल होने की मांग है।
NHRC ने शिकायत प्राप्त कर ली है और राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे यह जांचें कि प्रवेश से वंचित करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है या नहीं, और आवश्यक होने पर सुधारात्मक कदम सुझाएँ।
एसआईआर विवाद अरुणाचल की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, जहाँ विभिन्न जातीय समूह चाकमा समुदाय की जनजातीय स्थिति के पक्ष या विपक्ष में लबिंग कर रहे हैं। NHRC की समीक्षा का परिणाम समुदाय के भविष्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण लाभों तक पहुँच पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
याचिका में बताया गया है कि इस कदम से समुदाय के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार और संविधान द्वारा सुनिश्चित समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ। चाकमा समूह का मानना है कि यह रोकथाम एसआईआर पर चर्चा के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से की गई थी, जहाँ उनकी अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल होने की मांग है।
NHRC ने शिकायत प्राप्त कर ली है और राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे यह जांचें कि प्रवेश से वंचित करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है या नहीं, और आवश्यक होने पर सुधारात्मक कदम सुझाएँ।
एसआईआर विवाद अरुणाचल की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, जहाँ विभिन्न जातीय समूह चाकमा समुदाय की जनजातीय स्थिति के पक्ष या विपक्ष में लबिंग कर रहे हैं। NHRC की समीक्षा का परिणाम समुदाय के भविष्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण लाभों तक पहुँच पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।