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30 Oct 2026•
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चतरा के लरंगा सामेडीह में 16 हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात, 4 घर क्षतिग्रस्त

✍️ Reporter: Akash Bharti 🗓 30 Oct 2026, 11:44 AM 👁 20
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जहानाबाद जिले के टंडवा प्रखंड के लरंगा सामेडीह गांव में बुधवार की रात हाथियों के झुंड ने धान की फसल और अनाज को बर्बाद करते हुए चार घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

चतरा जिले के टंडवा प्रखंड क्षेत्र की राहम पंचायत अंतर्गत लरंगा सामेडीह गांव में बुधवार की रात हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। ग्रामीणों के अनुसार, झुंड में 15 से 16 हाथी शामिल थे, जिन्होंने खेतों में लगी धान की फसल को रौंद दिया और घरों में रखे अनाज को नुकसान पहुंचाया। इस घटना में चार घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और लोग रातभर भयभीत रहे।

युवा समाजसेवी उपेंद्र पांडेय ने बताया कि हाथियों ने करीब 40 डिसमिल जमीन में लगी धान की फसल को बर्बाद कर दिया तथा लगभग 10 क्विंटल अनाज को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने वन विभाग के कर्मियों पर आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी रात में ग्रामीणों की सहायता के लिए वे मौके पर नहीं पहुंचे, जिसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभालकर अपनी संपत्ति की रक्षा की। पांडेय ने मामले की सूचना वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय थाने को दी है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई करते हुए हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वन विभाग के प्रभारी रेंजर राम बाबू ने बताया कि बुधवार की रात हाथियों के झुंड के पहुंचने की सूचना ग्रामीणों से मिली थी और वनकर्मी हाथियों को क्षेत्र की सीमा से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने नुकसान की पुष्टि करते हुए बताया कि धान की फसल, अनाज और चार घरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है।

टंडवा का वन क्षेत्र करीब 21,349 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जहां पिछले डेढ़ दशक से हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर हर वर्ष कार्तिक से फाल्गुन महीने के बीच हाथियों के झुंड के पहुंचने की घटनाएं सामने आती रही हैं। जंगलों में पर्याप्त वनस्पति, पठारी भूभाग और खेतों में उपलब्ध फसलें हाथियों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित करती हैं, जबकि जंगलों के आसपास आबादी बढ़ने और घरों में रखे अनाज एवं महुआ की गंध से मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
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