राजनीति
बिदर में 'नम कर्नाटक सेना' ने मांगा नामफालकों पर कन्नड़ का अनिवार्य प्रयोग, 30 अक्टूबर तक कार्रवाई की चेतावनी
बिदर महानगर पालिका को पत्र सौंपकर 'नम कर्नाटक सेना' के जिला इकाई के पदाधिकारियों ने शहर के दुकानों और संस्थानों के नामफालकों पर कन्नड़ भाषा के अनिवार्य प्रयोग के लिए कदम उठाने की मांग की है।
बिदर महानगर पालिका को पत्र सौंपकर 'नम कर्नाटक सेना' के जिला इकाई के पदाधिकारियों ने शहर की दुकानों, मंगल, विद्यालयों, कॉलेजों, अस्पतालों और वाणिज्यिक मंडियों के नामफालकों के ऊपरी 60% भाग में कन्नड़ भाषा के प्रयोग के लिए कदम उठाने की मांग की है। मंगलवार को पालिका आयुक्त को लिखे गए इस पत्र को पालिका अधिकारी को सौंपा गया।
जिला इकाई के अध्यक्ष गणेश पाटील ज्यंती ने शिकायत की कि राज्य सरकार के नामफालकों पर कन्नड़ का अनिवार्य प्रयोग करने के आदेश का शहर में पालन नहीं हो रहा है और अन्य भाषाओं के नामफालक ही प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अत्यंत असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पहले भी पालिका को दो बार पत्र सौंपे गए थे, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ और पालिका कन्नड़ भाषा के क्रियान्वयन के प्रति उदासीनता दिखा रही है।
साथ ही, उन्होंने शहर की सौंदर्यता बढ़ाने के लिए लगाए गए आकर्षक बिजली के खंभों पर अंग्रेजी पोस्टर लगाए जाने की घटना पर भी प्रश्न उठाया। उन्होंने पूछा कि पालिका अधिकारियों ने सरकार के आदेशों को नजरअंदाज करके इन पोस्टरों की अनुमति कैसे दी।
'नम कर्नाटक सेना' ने 30 अक्टूबर तक शहर के सभी निजी अस्पतालों, होटलों, वाणिज्यिक और सार्वजनिक संस्थानों के नामफालकों पर कन्नड़ का अनिवार्य प्रयोग सुनिश्चित करने की मांग की है। अध्यक्ष गणेश पाटील ज्यंती ने चेतावनी दी कि यदि अक्टूबर के अंत तक सभी नामफालक कन्नड़ में नहीं बदले जाते, तो नवंबर के पहले सप्ताह में महानगर पालिका पर मुट्ठी (प्रदर्शन) कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर उपअध्यक्ष दत्तु अल्लंकेरे, उदय अष्टूरे, शिवतीर्थ स्वामी, बिदर उत्तर इकाई अध्यक्ष अनिल राजगीरा, नगर इकाई अध्यक्ष संतोष पाटील और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
जिला इकाई के अध्यक्ष गणेश पाटील ज्यंती ने शिकायत की कि राज्य सरकार के नामफालकों पर कन्नड़ का अनिवार्य प्रयोग करने के आदेश का शहर में पालन नहीं हो रहा है और अन्य भाषाओं के नामफालक ही प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अत्यंत असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पहले भी पालिका को दो बार पत्र सौंपे गए थे, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ और पालिका कन्नड़ भाषा के क्रियान्वयन के प्रति उदासीनता दिखा रही है।
साथ ही, उन्होंने शहर की सौंदर्यता बढ़ाने के लिए लगाए गए आकर्षक बिजली के खंभों पर अंग्रेजी पोस्टर लगाए जाने की घटना पर भी प्रश्न उठाया। उन्होंने पूछा कि पालिका अधिकारियों ने सरकार के आदेशों को नजरअंदाज करके इन पोस्टरों की अनुमति कैसे दी।
'नम कर्नाटक सेना' ने 30 अक्टूबर तक शहर के सभी निजी अस्पतालों, होटलों, वाणिज्यिक और सार्वजनिक संस्थानों के नामफालकों पर कन्नड़ का अनिवार्य प्रयोग सुनिश्चित करने की मांग की है। अध्यक्ष गणेश पाटील ज्यंती ने चेतावनी दी कि यदि अक्टूबर के अंत तक सभी नामफालक कन्नड़ में नहीं बदले जाते, तो नवंबर के पहले सप्ताह में महानगर पालिका पर मुट्ठी (प्रदर्शन) कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर उपअध्यक्ष दत्तु अल्लंकेरे, उदय अष्टूरे, शिवतीर्थ स्वामी, बिदर उत्तर इकाई अध्यक्ष अनिल राजगीरा, नगर इकाई अध्यक्ष संतोष पाटील और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।