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29 Oct 2026•
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बिदर में एसिड हमले से बचाव और सहायता पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

✍️ Reporter: Basavaraj pujari 🗓 29 Oct 2026, 06:30 PM 👁 8
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बिदर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने अंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए एसिड हमले की स्थिति से निपटने और पीड़ितों को सहायता प्रदान करने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

बिदर। जिला प्रशासन, जिला पंचायत, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, महिला और बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, जिला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 28 अक्टूबर 2026 को जिला संसाधन केंद्र, बिदर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों को एसिड हमले की स्थिति से निपटने, उसे रोकने और पीड़ितों को सहायता तथा कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन सम्मानित मुख्य जिला और सत्र न्यायाधीश एवं जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण बिदर के अध्यक्ष श्री एस. बी. रेहमान ने किया। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में बताया कि बिदर जिले में एसिड हमले से संबंधित कोई मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय दंड संहिता में बदलाव के बाद भारतीय न्याय संहिता लागू हो गई है और ऐसे कृत्यों को करने वालों को प्रभावी ढंग से दंडित करने के लिए धारा 326(ए) लागू की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 124 के अंतर्गत, यदि कोई व्यक्ति एसिड हमला करने का प्रयास करता है और विफल रहता है, तो भी उसे दंडित किया जा सकता है। इसके अलावा, महिलाओं को किसी भी तरह की चोट लगने पर तुरंत निःशुल्क प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जाती है।

इस अवसर पर माननीय अपर जिलाधिकारी कु. सुरेखा वी. के. ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने एसिड हमले से प्रभावित महिलाओं को सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कर्नाटक राज्य महिला विकास निगम की ओर से पीड़ित महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 2.50 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण और 2.50 लाख रुपये का सहायता धन प्रदान किया जाता है। उन्होंने जिले में कार्यरत अक्का पड़े के प्रयासों की भी सराहना की।

डॉ. किरण पाटिल, जिला कुष्ठ रोग नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि एसिड हमले से प्रभावित व्यक्ति के साथ और उसके परिवार के सदस्यों के साथ सख्त सलाह-मशवरा करना बहुत महत्वपूर्ण है, जिसके बाद चिकित्सकों की टीम द्वारा उपचार किया जाता है। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री राघवेन्द्र उपाध्याय ने महिलाओं को उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया और ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में जिला निरुपण अधिकारी और महिला और बाल विकास अधिकारी श्री श्रीकांत मेनजाजी ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि सखी वन स्टॉफ सेंटर, महिला हेल्पलाइन और महिला सशक्तिकरण के लिए विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और महिलाओं की सुरक्षा सभी का कर्तव्य है। इस कार्यक्रम में जिला बाल रक्षा अधिकारी, जिला वकीलों संघ के अध्यक्ष और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की निरुपण श्री गौरिशंकर ने की।
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