Health
बैरिया के नौरंगा भुवाल छपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट नियुक्ति, 101 घंटे उपवास की धमकी के बाद
बैरिया के नौरंगा भुवाल छपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक, फार्मासिस्ट और ANM की नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग ने की, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह के 101 घंटे उपवास की धमकी के बाद।
बैरिया विधानसभा क्षेत्र के नौरंगा भुवाल छपरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सुविधाओं और कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर उठाई गई मांग के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्तियां की हैं।
पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने बीते दिनों स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की मांग को लेकर जिला प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि निर्धारित समय में मांग पूरी नहीं होने पर वह जिला मुख्यालय पर 101 घंटे का उपवास करेंगे।
इस चेतावनी के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया द्वारा नौरंगा भुवाल छपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक फार्मासिस्ट और एक ANM की नियुक्ति की गई। वहीं, कल स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की नियुक्ति भी कर दी गई।
लगातार उठ रही मांग और 101 घंटे के उपवास के ऐलान के बाद हुई इन नियुक्तियों से क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। लंबे समय से स्थानीय लोगों की मांग थी कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त स्टाफ और चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख न करना पड़े।
पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने बीते दिनों स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की मांग को लेकर जिला प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि निर्धारित समय में मांग पूरी नहीं होने पर वह जिला मुख्यालय पर 101 घंटे का उपवास करेंगे।
इस चेतावनी के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया द्वारा नौरंगा भुवाल छपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक फार्मासिस्ट और एक ANM की नियुक्ति की गई। वहीं, कल स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की नियुक्ति भी कर दी गई।
लगातार उठ रही मांग और 101 घंटे के उपवास के ऐलान के बाद हुई इन नियुक्तियों से क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। लंबे समय से स्थानीय लोगों की मांग थी कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त स्टाफ और चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख न करना पड़े।