📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensi
राजनीति
निकाय चुनाव से पहले भाजपा ने 7 बागियों को निकाला, कुल 49 बागी
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 10 सित. 2026, 05:02 PM
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भाजपा ने बागी सदस्यों को सात और निकाल दिया, जिससे निकाय चुनाव से पहले कुल 49 बागी हटाए गए।
भाजपा ने बागी सदस्यों के खिलाफ सात और सदस्य निकाले, जिससे बागियों की संख्या 49 हो गई। यह कदम निकाय चुनाव से पहले उठाया गया, जिससे पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने की इच्छा स्पष्ट हुई।
पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि इन सदस्यों ने लगातार पार्टी के आदेशों की अवहेलना की और ऐसी गतिविधियों में भाग लिया जो भाजपा के चुनावी रणनीति के लिए हानिकारक मानी गईं। बागियों को हटाकर नेतृत्व ने स्थानीय निकायों के चुनाव में एकजुट छवि पेश करने का लक्ष्य रखा है।
इसी दौरान कांग्रेस को 80 से अधिक बागियों की शिकायतें मिली हैं, और वह कार्रवाई चुनाव के बाद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का यह कड़ा कदम चुनाव में संभावित आंतरिक उलझनों को रोकने के लिए है।
अब तक निकाले गए सदस्यों ने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि इतनी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई दुर्लभ होती है और निकाय चुनाव की महत्ता को दर्शाती है।
भाजपा की अनुशासन समिति आगे भी पार्टी के भीतर अनुशासन की निगरानी जारी रखेगी और यदि और उल्लंघन सामने आए तो अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि इन सदस्यों ने लगातार पार्टी के आदेशों की अवहेलना की और ऐसी गतिविधियों में भाग लिया जो भाजपा के चुनावी रणनीति के लिए हानिकारक मानी गईं। बागियों को हटाकर नेतृत्व ने स्थानीय निकायों के चुनाव में एकजुट छवि पेश करने का लक्ष्य रखा है।
इसी दौरान कांग्रेस को 80 से अधिक बागियों की शिकायतें मिली हैं, और वह कार्रवाई चुनाव के बाद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का यह कड़ा कदम चुनाव में संभावित आंतरिक उलझनों को रोकने के लिए है।
अब तक निकाले गए सदस्यों ने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि इतनी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई दुर्लभ होती है और निकाय चुनाव की महत्ता को दर्शाती है।
भाजपा की अनुशासन समिति आगे भी पार्टी के भीतर अनुशासन की निगरानी जारी रखेगी और यदि और उल्लंघन सामने आए तो अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।