📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sachinjee
राजनीति
बीजेपी ने संजय भाटिया को नया राज्य इंचार्ज बनाया, सतीश पूनिया को पंजाब‑जम्मू कश्मीर सौंपे
✍️ Bhaskar English
🗓 23 सित. 2026, 10:01 PM
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बीजेपी ने राज्य इंचार्ज में बदलाव किया, संजय भाटिया को नया इंचार्ज नियुक्त किया गया, सतीश पूनिया को पंजाब‑जम्मू कश्मीर की देखरेख सौंपी गई और सुनील बंसल को नई जिम्मेदारी मिली।
बीजेपी ने मंगलवार को अपने राज्य‑स्तर के नेतृत्व में बदलाव की घोषणा की। संजय भाटिया को एक अनिर्दिष्ट राज्य के नए इंचार्ज के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे आगामी चुनावों के संदर्भ में रणनीतिक दिशा स्पष्ट हुई।
सीनियर पार्टी नेता सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू‑कश्मीर दोनों राज्यों की देखरेख सौंपी गई, जिससे दो संवेदनशील क्षेत्रों में समन्वय को मजबूत किया जा सके। यह कदम इन राज्यों में पार्टी की स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
साथ ही सुनील बंसल को भी एक नई जिम्मेदारी दी गई, हालांकि किस राज्य या कार्यक्षेत्र में यह है, इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। इस पुनर्गठन पर बीजेपी ने अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की।
पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव नेतृत्व को ताज़ा करने और जमीनी स्तर पर पहुंच बढ़ाने के लिए है, ताकि भविष्य के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। नई नियुक्तियों का प्रभाव तुरंत शुरू हो गया है, और इंचार्जों से अपेक्षा की गई है कि वे राज्य‑स्तर की रणनीतियों को दिशा दें।
यह पुनर्गठन आगामी चुनावी दौर में बीजेपी की तैयारियों को दर्शाता है, जिसमें कई क्षेत्रों में नेतृत्व को पुनः व्यवस्थित किया जा रहा है।
सीनियर पार्टी नेता सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू‑कश्मीर दोनों राज्यों की देखरेख सौंपी गई, जिससे दो संवेदनशील क्षेत्रों में समन्वय को मजबूत किया जा सके। यह कदम इन राज्यों में पार्टी की स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
साथ ही सुनील बंसल को भी एक नई जिम्मेदारी दी गई, हालांकि किस राज्य या कार्यक्षेत्र में यह है, इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। इस पुनर्गठन पर बीजेपी ने अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की।
पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव नेतृत्व को ताज़ा करने और जमीनी स्तर पर पहुंच बढ़ाने के लिए है, ताकि भविष्य के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। नई नियुक्तियों का प्रभाव तुरंत शुरू हो गया है, और इंचार्जों से अपेक्षा की गई है कि वे राज्य‑स्तर की रणनीतियों को दिशा दें।
यह पुनर्गठन आगामी चुनावी दौर में बीजेपी की तैयारियों को दर्शाता है, जिसमें कई क्षेत्रों में नेतृत्व को पुनः व्यवस्थित किया जा रहा है।