📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
कृषि
बिहार में पहला वेजफेड तरकारी आउटलेट खुला, पटना जू के पास 200 और आउटलेट की तैयारी
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 01 नव. 2026, 07:15 PM
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना जू के गेट‑2 के पास बिहार का पहला वेजफेड तरकारी आउटलेट खोला, जिससे राज्य में 200 आउटलेट खोलने की योजना की शुरुआत हुई।
पटना – बिहार का पहला समर्पित तरकारी आउटलेट, जो किसान‑उत्पादक समूह वेजफेड द्वारा संचालित है, का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को किया। यह समारोह पटना जू के गेट‑2 पर हुआ, जो शहर के निवासियों के लिये आसानी से पहुँच योग्य स्थान है।
वेजफेड आउटलेट का उद्देश्य ताज़ी, स्थानीय सब्जियों को उचित कीमत पर उपलब्ध कराना है, जिससे किसानों को उचित लाभ भी मिल सके। मध्यस्थों को हटाकर आपूर्ति श्रृंखला को सीधे खेत से थाली तक लाने की योजना है।
उद्घाटन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह आउटलेट एक पायलट है और पहले चरण में बिहार भर में 200 वेजफेड आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। इनका लक्ष्य शहरी और अर्ध‑ग्रामीण बाजारों दोनों में उपभोक्ताओं को किफायती सब्जियां उपलब्ध कराना है, जिससे किसान आय में वृद्धि और मध्यम वर्ग के घरों में खाद्य सुरक्षा सुधरेगी।
राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह परियोजना कृषि सुधारों के साथ मेल खाती है, जिसका उद्देश्य बाजार बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और फसल के बाद के नुकसान को कम करना है। कार्यान्वयन में स्थानीय पंचायतों और बाजार समितियों के साथ समन्वय किया जाएगा।
यह पहल बिहार की कृषि‑व्यापार कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे उपभोक्ता समूह और किसान संघ दोनों ने सराहा है।
वेजफेड आउटलेट का उद्देश्य ताज़ी, स्थानीय सब्जियों को उचित कीमत पर उपलब्ध कराना है, जिससे किसानों को उचित लाभ भी मिल सके। मध्यस्थों को हटाकर आपूर्ति श्रृंखला को सीधे खेत से थाली तक लाने की योजना है।
उद्घाटन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह आउटलेट एक पायलट है और पहले चरण में बिहार भर में 200 वेजफेड आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। इनका लक्ष्य शहरी और अर्ध‑ग्रामीण बाजारों दोनों में उपभोक्ताओं को किफायती सब्जियां उपलब्ध कराना है, जिससे किसान आय में वृद्धि और मध्यम वर्ग के घरों में खाद्य सुरक्षा सुधरेगी।
राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह परियोजना कृषि सुधारों के साथ मेल खाती है, जिसका उद्देश्य बाजार बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और फसल के बाद के नुकसान को कम करना है। कार्यान्वयन में स्थानीय पंचायतों और बाजार समितियों के साथ समन्वय किया जाएगा।
यह पहल बिहार की कृषि‑व्यापार कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे उपभोक्ता समूह और किसान संघ दोनों ने सराहा है।