📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बर्नोल टिप्पणी से कांग्रेस की की निंदा
✍️ India Today
🗓 29 अक्टू. 2026, 12:31 PM
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चल रहे एमएलसी चुनावों के दौरान कांग्रेस को बर्नोल से तुलना करके मज़ाक बनाया।
असम में आगामी विधायी परिषद (एमएलसी) चुनावों के प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्षी कांग्रेस पार्टी को बर्नोल नामक विवादित कोविड‑19 दवा से तुलना करके तीखा तंज़ किया। यह टिप्पणी राज्य के एक रैली में की गई, जहाँ सरमा ने मतदाताओं को चेतावनी दी कि कांग्रेस अभी भी अकारगर उपायों पर निर्भर है, जैसे वह दवा जो वैज्ञानिक समर्थन से वंचित रही।
बर्नोल, एक घरेलू एंटी‑वायरल जो कुछ समय के लिए राजनीतिक चर्चा में आया था, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा अस्वीकृत हो गया, को सरमा ने कांग्रेस की अयोग्यता दर्शाने के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि शासक दल विकास पर केंद्रित है, जबकि विपक्ष पुरानी और असिद्ध उपायों पर अडिग है।
कांग्रेस ने इस टिप्पणी को बेबुनियाद व्यक्तिगत हमला कहा और स्वास्थ्य व शासन संबंधी मुद्दों को वैज्ञानिक आधार पर सुलझाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। रिपोर्टिंग के समय केंद्र स्तर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई।
यह घटना एमएलसी चुनावों के दौरान बढ़ते राजनीतिक ताना‑बाना में एक नया आयाम जोड़ती है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं की आलोचना की है। फिर भी इस रिपोर्ट का मुख्य फोकस असम के मुख्यमंत्री की बर्नोल टिप्पणी है, जिसने सोशल मीडिया और स्थानीय मतदाताओं का ध्यान आकर्षित किया है।
बर्नोल, एक घरेलू एंटी‑वायरल जो कुछ समय के लिए राजनीतिक चर्चा में आया था, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा अस्वीकृत हो गया, को सरमा ने कांग्रेस की अयोग्यता दर्शाने के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि शासक दल विकास पर केंद्रित है, जबकि विपक्ष पुरानी और असिद्ध उपायों पर अडिग है।
कांग्रेस ने इस टिप्पणी को बेबुनियाद व्यक्तिगत हमला कहा और स्वास्थ्य व शासन संबंधी मुद्दों को वैज्ञानिक आधार पर सुलझाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। रिपोर्टिंग के समय केंद्र स्तर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई।
यह घटना एमएलसी चुनावों के दौरान बढ़ते राजनीतिक ताना‑बाना में एक नया आयाम जोड़ती है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं की आलोचना की है। फिर भी इस रिपोर्ट का मुख्य फोकस असम के मुख्यमंत्री की बर्नोल टिप्पणी है, जिसने सोशल मीडिया और स्थानीय मतदाताओं का ध्यान आकर्षित किया है।